हैलट अस्पताल में 'पिंक कवच': 12 पूर्व महिला सैन्य गार्डों ने संभाली सुरक्षा की कमान
कानपुर के हैलट अस्पताल में महिला सशक्तिकरण की मिसाल; 12 पूर्व महिला सैन्य गार्डों की तैनाती से बढ़ी सुरक्षा
कानपुर : उत्तर प्रदेश सरकार के 'महिला सशक्तिकरण' अभियान को धरातल पर उतारते हुए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर के सबसे बड़े लाला लाजपत राय (हैलट) अस्पताल में अब महिला मरीजों, तीमारदारों और महिला डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए 12 महिला मिलिट्री गार्डों की तैनाती की गई है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला के प्रयासों से इन महिला गार्डों की नियुक्ति 'पूर्व सैनिक कल्याण निगम' के माध्यम से की गई है। ये सभी गार्ड सैन्य पृष्ठभूमि से हैं, जो अस्पताल के संवेदनशील वातावरण में अनुशासन और मुस्तैदी सुनिश्चित करेंगी।
अस्पताल प्रशासन ने इन महिला गार्डों को मुख्य रूप से आकस्मिक विभाग (इमरजेंसी) और उन वार्डों में तैनात किया है जहाँ महिला रोगियों की संख्या अधिक होती है। नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग राजौरिया की उपस्थिति में हुई ब्रीफिंग के दौरान इन्हें निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
- महिला सुरक्षा: परिसर में आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और सहज महसूस कराना।
- त्वरित सहायता: बीमार महिलाओं और उनके तीमारदारों को वार्ड तक पहुँचने में मदद करना।
- संवेदनशीलता: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ मानवीय व्यवहार बनाए रखना।
प्रधानाचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में कार्यरत महिला चिकित्सकों और स्टाफ को भयमुक्त माहौल देना है। उन्होंने कहा, "अस्पताल प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यहाँ आने वाली प्रत्येक महिला को सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण वातावरण प्राप्त हो।"
इस सुरक्षा विस्तार से हैलट अस्पताल की छवि न केवल एक उपचार केंद्र के रूप में, बल्कि एक सुरक्षित संस्थान के रूप में भी सुदृढ़ होगी।
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