पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन कर आत्मनिर्भर बनेंगे किसान
कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर में 5 दिवसीय बकरी पालन प्रशिक्षण संपन्न; किसानों को मिले प्रमाण पत्र और स्वरोजगार के गुर
कुंडा-प्रतापगढ़ : किसानों को स्वरोजगार एवं पशुपालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर द्वारा बीते 11 मई से पांच दिवसीय “बकरी पालन पर व्यवसायिक प्रशिक्षण” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्र के पशु चिकित्सक डॉ. प्रसेनजीत देबनाथ ने किसानों को बकरी पालन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बकरियों की उन्नत नस्लों, संतुलित आहार प्रबंधन, टीकाकरण, रोग नियंत्रण, आवास व्यवस्था तथा व्यवसायिक स्तर पर बकरी पालन से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में प्रसार वैज्ञानिक डॉ. अवधेश सिंह ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न पशुपालन योजनाओं, अनुदान तथा बैंक ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाकर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन कुमार सिंह ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने एवं पशुपालन को व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से बकरी पालन कर किसान कम लागत में बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी किसानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में शाह सऊद हुसामी, अशोक कुमार, रामचन्द्र पटेल, शैलेन्द्र कुमार, रंजीत रजक, रहीस अहमद, अनिल कुमार, हरिशंकर, अमित श्रीवास्तव, नितेश कुमार यादव सहित लगभग 25 किसान उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया तथा उन्हें स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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