लखनऊ में संपन्न हुई दो दिवसीय 'एडवांस हीलिंग' कार्यशाला
लखनऊ में एडवांस प्राणिक हीलिंग कार्यशाला संपन्न। बिना दवा और स्पर्श के रंगीन ऊर्जा चक्रों से गंभीर बीमारियों का इलाज करना सिखाया गया।
लखनऊ : राजधानी के पेपर मिल कॉलोनी स्थित 'डिवाइन हार्मनी प्राणिक हीलिंग सेंटर' में दो दिवसीय एडवांस प्राणिक हीलिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में प्रशिक्षुओं को बिना स्पर्श और बिना दवा के शरीर के ऊर्जा चक्रों के माध्यम से गंभीर बीमारियों के उपचार की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई गई।
कार्यशाला में दिल्ली से आईं मुख्य प्रशिक्षिका शैली मैडम ने बताया कि जहाँ 'बेसिक हीलिंग' में सामान्य बीमारियों का इलाज होता है, वहीं 'एडवांस लेवल' में सात प्रमुख चक्रों से निकलने वाली रंगीन प्राण ऊर्जा (जैसे वॉयलेट, ब्लू, ग्रीन, रेड आदि) का सटीक उपयोग करना सिखाया जाता है। यह पद्धति डॉक्टर द्वारा दी जा रही दवाओं के साथ पूरक के रूप में कार्य करती है, जिससे मरीज के स्वास्थ्य में चमत्कारिक रूप से तेजी से सुधार होता है।
गंभीर बीमारियों पर प्रहार
- इस उन्नत स्तर की ट्रेनिंग में उन तकनीकों पर जोर दिया गया जो सीधे ऊर्जा शरीर (Aura) की सफाई करती हैं। प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर गहराई से चर्चा हुई:
- शारीरिक व्याधियां: अस्थमा, हृदय रोग, किडनी और लीवर से जुड़ी गंभीर समस्याओं का इलाज।
- मानसिक स्वास्थ्य: डिप्रेशन, फोबिया, तनाव और गहरी भावनात्मक समस्याओं का समाधान।
- ऊर्जा चक्र: ऊर्जा के विखंडन (Disintegration) और पुनर्जीवन (Regeneration) की शक्ति।
वैज्ञानिक पद्धति और उत्साह
स्थानीय हीलर अभय जौहरी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में अभ्यर्थियों ने न केवल उपचार करना सीखा, बल्कि 'कर्मिक पैटर्न' और 'ऊर्जा ब्लॉकेज' को समझने की नई दृष्टि भी प्राप्त की। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इस पद्धति को अपनाया और समाज को स्वस्थ रखने का संकल्प लिया।
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