शताब्दी वर्ष में 'पंच परिवर्तन' का संकल्प: आरएसएस ने साझा किया 100 वर्षों का सफरनामा
कानपुर में आरएसएस का मीडिया संवाद; शताब्दी वर्ष के संकल्प और 1.70 लाख सेवा कार्यों के साथ राष्ट्र निर्माण का खाका पेश
कानपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कानपुर प्रांत द्वारा बेनाझाबर स्थित एक निजी होटल में 'मीडिया संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र ठाकुर ने संघ की स्थापना से लेकर शताब्दी वर्ष (2025-26) तक की विकास यात्रा और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।
नरेन्द्र ठाकुर ने डॉ. हेडगेवार के विचारों को रेखांकित करते हुए बताया कि 1925 में संघ की स्थापना के पीछे मूल उद्देश्य केवल स्वतंत्रता प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए समाज को संगठित करना था। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का मानना था कि देशभक्ति और संगठन का कार्य स्वतंत्रता आंदोलन के समानांतर चलना चाहिए।
- वर्तमान में संघ के विस्तार के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया:
- शाखाएं: देश भर में लगभग 55,700 स्थानों पर 89,000 शाखाएं सक्रिय हैं।
- सेवा कार्य: समाज के वंचित वर्गों के लिए 1.70 लाख नियमित सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
- युवा जुड़ाव: 'ज्वाइन आरएसएस' (Join RSS) अभियान के माध्यम से प्रतिवर्ष 8-10 हजार युवा संघ से जुड़ रहे हैं।
शताब्दी वर्ष के 'पांच बिंदु' (पंच परिवर्तन)
संघ ने अपने 100वें वर्ष में समाज सुधार के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है:
- सामाजिक समरसता: मंदिर, श्मशान और जल के स्रोत सभी के लिए समान हों।
- कुटुंब प्रबोधन: परिवारों को भारतीय मूल्यों और संस्कारों से जोड़ना।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी।
- स्वदेशी जीवनशैली: आत्मनिर्भर भारत का विचार।
- नागरिक कर्तव्य: समाज के प्रति दायित्वों का बोध।
समसामयिक प्रश्नों पर रुख
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए श्री ठाकुर ने स्पष्ट किया कि संघ हर विषय पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के बजाय ठोस कार्य करने में विश्वास रखता है। यूजीसी विवाद और अदालती मामलों पर उन्होंने संयमित रुख अपनाते हुए कहा कि विचाराधीन विषयों पर संघ टिप्पणी नहीं करता। उन्होंने दोहराया कि संघ के लिए "सभी भारतवासी हिंदू हैं" और संगठन का अंतिम लक्ष्य एक सशक्त व समरस राष्ट्र का निर्माण है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक बेरी, प्रान्त संघचालक भवानी भीख और प्रान्त प्रचारक श्रीराम सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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