चिकित्सा जगत में बड़ा चमत्कार: बरेली में मंत्र शक्ति और आधुनिक सर्जरी का संगम, बिना तनाव के हुआ हार्ट ऑपरेशन
बरेली के गंगाशील हॉस्पिटल में एमआरसी थेरेपी (मंत्र चिकित्सा) द्वारा 75 वर्षीय महिला की सफल और दर्द रहित हृदय सर्जरी की गई।
बरेली: उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित गंगाशील हॉस्पिटल ने चिकित्सा विज्ञान और प्राचीन भारतीय ऋषि परंपरा के मिलन से एक नया इतिहास रच दिया है। यहाँ पहली बार एमआरसी (MRC) थेरेपी यानी मंत्र और ध्वनि विज्ञान के प्रभाव से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की सफल हृदय सर्जरी की गई। इस तकनीक की सबसे खास बात यह रही कि मरीज को बिना पूर्ण बेहोशी (General Anesthesia) के, केवल मंत्रों के प्रभाव से अर्द्ध-चेतन अवस्था में लाकर ऑपरेशन संपन्न किया गया।
कैसे काम करती है एमआरसी थेरेपी?
इस थेरेपी के दौरान मरीज को हेडफोन के जरिए विशेष ध्वनियाँ और मंत्र सुनाए जाते हैं, जो सीधे अवचेतन मन पर प्रहार करते हैं। इससे मरीज गहरे रिलैक्सेशन में चला जाता है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल ने बताया कि सर्जरी के दौरान माताजी पूरी तरह शांत थीं। उन्हें न तो दर्द का अनुभव हुआ और न ही कोई घबराहट। ऑपरेशन के बाद महिला ने स्वयं बताया कि उन्हें समय और कष्ट का अहसास ही नहीं हुआ और वे काफी प्रसन्न महसूस कर रही हैं।
- भविष्य की राह और लाभ
एमआरसी थेरेपी के जनक डॉ. अभिषेक शर्मा हैं, जो इस पद्धति के लिए चार वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं। इस तकनीक के उपयोग से न केवल सर्जरी आसान होगी, बल्कि: - अनिद्रा, डिप्रेशन और एंजायटी जैसी समस्याओं का समाधान होगा।
- मरीजों की दवाओं पर निर्भरता कम होगी।
- सर्जरी के बाद रिकवरी तेजी से होगी।
गंगाशील हॉस्पिटल की डायरेक्टर डॉ. शालिनी माहेश्वरी ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनका संस्थान अवचेतन मन पर आधारित मंत्र चिकित्सा शुरू करने वाला पहला अस्पताल बन गया है। जल्द ही इस थेरेपी का विस्तार अन्य गंभीर रोगों के उपचार में भी किया जाएगा।
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