कानपुर: GSVM मेडिकल कॉलेज में 'सर्वाइकल कैंसर' पर जागरूकता गोष्ठी, HPV वैक्सीन और स्क्रीनिंग पर दिया जोर
GSVM मेडिकल कॉलेज कानपुर में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता गोष्ठी आयोजित; विशेषज्ञों ने HPV वैक्सीन और पैप स्मीयर जांच के महत्व को समझाया।
वैक्सीन से 90% तक बचाव संभव
गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. रेनू गुप्ता ने HPV वैक्सीन की प्रभावशीलता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि:
- 9 से 14 वर्ष: इस आयु वर्ग की बालिकाओं को 6 महीने के अंतराल पर दो खुराक (डोज) दी जाती हैं।
- 15 से 26 वर्ष: अविवाहित युवतियों को इस टीके की तीन खुराकें दी जाती हैं। डॉ. गुप्ता के अनुसार, यह टीका सर्वाइकल कैंसर को रोकने में 90 प्रतिशत तक कारगर है। गोष्ठी के दौरान कई नर्सिंग स्टाफ ने अपनी बेटियों के टीकाकरण हेतु पंजीकरण भी कराया।
पैप स्मीयर जांच: प्रारंभिक पहचान ही जीवन है
प्रोफेसर डॉ. नीना गुप्ता ने महिलाओं से अपील की कि 25 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक महिला को हर तीन साल में पैप स्मीयर (Pap Smear) जांच करानी चाहिए। उन्होंने साझा किया कि जीएसवीएम में यह सुविधा बेहद कम शुल्क पर उपलब्ध है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 10,000 महिलाओं ने यहाँ स्क्रीनिंग कराई है, जिससे कई मामलों में कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में हुई और उनका सफल इलाज संभव हो सका।
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