रायबरेली: राजकीय संप्रेषण गृह में टीबी स्क्रीनिंग, AI मशीन से 64 लोगों की हुई जांच

रायबरेली के राजकीय संप्रेषण गृह में AI आधारित मशीन से 64 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग हुई, 3 संदिग्ध मरीज मिले।

Apr 29, 2026 - 21:57
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रायबरेली: राजकीय संप्रेषण गृह में टीबी स्क्रीनिंग, AI मशीन से 64 लोगों की हुई जांच

रायबरेली : 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी सक्रियता से जुटा हुआ है। इसी कड़ी में संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत बुधवार को राजकीय संप्रेषण गृह में एक वृहद स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए यहाँ किशोरों और स्टाफ की बारीकी से जांच की गई।

शिविर के दौरान कुल 64 व्यक्तियों का परीक्षण किया गया, जिनमें संप्रेषण गृह के 50 किशोर और 14 स्टाफ सदस्य शामिल थे। जांच की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार रहीं:

  • हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन: एआई (AI) आधारित आधुनिक हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया, जो तुरंत रिपोर्ट देने में सक्षम है।
  • संभावित मरीज: एआई रिपोर्ट के आधार पर 3 व्यक्तियों के एक्स-रे में असामान्यता पाई गई है। टीबी की आशंका को देखते हुए उनके 'स्पुटम सैम्पल' (बलगम के नमूने) विस्तृत जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं।

इन 'हाई रिस्क' समूहों पर विशेष नजर
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जिनमें संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है। अभियान के तहत निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष फोकस है:

  • 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग।
  • डायबिटीज, एचआईवी और कुपोषण से ग्रसित व्यक्ति।
  • पूर्व में टीबी से पीड़ित रहे लोग या टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिजन।
  • शराब का अधिक सेवन करने वाले व्यक्ति।

निशुल्क इलाज और लक्षण
डॉ. सिंह ने अपील की कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण दिखें, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। जनपद के सभी केंद्रों पर टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क है।

अभियान की अब तक की प्रगति:
जनपद में तीन मशीनों के जरिए अब तक 8763 उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें से 28 नए टीबी मरीजों की पुष्टि कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है।

कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम समन्वयक अभय मिश्रा, मनीष श्रीवास्तव, अतुल कुमार, के.के. श्रीवास्तव और एक्स-रे टेक्नीशियन देवकी नंदन मौजूद रहे। साथ ही संप्रेषण गृह के अधीक्षक रनबहादुर वर्मा, फार्मासिस्ट अमित विक्रम और स्टाफ नर्स मधुबाला ने शिविर के सफल आयोजन में सहयोग किया।

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