त्रुटिरहित सूची बनाने की कवायद में उलझा पंचायत चुनाव का कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची का दोबारा सत्यापन शुरू। 5वीं बार टली अंतिम प्रकाशन की तिथि, इस वर्ष चुनाव की संभावना कम।
(आनन्दी मेल संवाददाता)
अम्बेडकर नगर: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों और जनता के लिए बड़ी खबर है। राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर मतदाता पुनरीक्षण सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस नई कवायद के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव फिलहाल टल गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अब अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 जून को किया जाना है। उल्लेखनीय है कि अंतिम प्रकाशन की तिथि अब तक पांच बार आगे बढ़ाई जा चुकी है। आयोग का तर्क है कि वह किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को खत्म करना चाहता है, ताकि जब भी चुनाव हों, मतदाता सूची पूरी तरह से पारदर्शी और विवादमुक्त हो।
- 40 लाख से अधिक बढ़े मतदाता, लाखों आपत्तियों का हुआ निस्तारण
दिसंबर 2025 में जारी अनंतिम सूची के अनुसार: - प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 12.69 करोड़ दर्ज की गई थी।
- पिछले पंचायत चुनाव के मुकाबले इस बार 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े हैं।
सूची जारी होने के बाद आयोग को लाखों की संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं। हालांकि, आयोग का दावा है कि इन सभी का निस्तारण किया जा चुका है, लेकिन फिर भी सावधानी के तौर पर दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
इस साल चुनाव होने की संभावना कम
सूत्रों और आयोग की सक्रियता को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्ष 2026 में पंचायत चुनाव होने की संभावना बेहद कम है। निर्वाचन आयोग फिलहाल चुनाव कराने की जल्दबाजी में नहीं दिख रहा है, बल्कि उसका पूरा ध्यान मतदाता सूची को 'त्रुटिरहित' (Error-free) बनाने पर है। इसी कड़ी में हर मतदाता का घर-घर जाकर दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
यूनिक नंबर और नए मतदाताओं पर जोर
इस बार की पुनरीक्षण प्रक्रिया में कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं:
यूनिक नंबर: आयोग प्रत्येक मतदाता को एक विशेष (Unique) नंबर आवंटित कर रहा है, जिससे भविष्य में फर्जीवाड़े की संभावना न रहे।
नए नाम: सत्यापन के साथ-साथ पात्र नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी निरंतर जारी रखी गई है।
निष्कर्ष:
अम्बेडकर नगर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे भावी प्रत्याशियों को अभी और इंतजार करना होगा। आयोग की इस कछुआ चाल ने चुनावी सरगर्मियों पर फिलहाल पानी फेर दिया है, लेकिन प्रशासन का मानना है कि एक सटीक मतदाता सूची ही स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला है।
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