विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा कर रहा है हिंदुस्तान जिंक: केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने हिंदुस्तान जिंक के दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा कर कंपनी की आधुनिक तकनीक और सीएसआर कार्यों को सराहा
लखनऊ। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान में स्थित हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और शीर्ष चांदी उत्पादक कंपनी की सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग की संचालन प्रणाली का जायजा लेते हुए उन्होंने कंपनी की आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और सामुदायिक विकास कार्यों की जमकर सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदुस्तान जिंक की यह बेहतरीन कार्यप्रणाली माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के बिल्कुल अनुरूप है।
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री रेड्डी ने सिंदेसर खुर्द माइन की आधुनिक अंडरग्राउंड चांदी खदानों और दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स के कंट्रोल रूम, सेल हाउस व कैथोड यार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। यहाँ उन्हें वीडियो और प्रेजेंटेशन के माध्यम से खदान की क्षमता, सुरक्षा नियमों और टेली-रिमोट ऑपरेशन्स की तकनीक से रूबरू कराया गया। उन्होंने देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम के लाइव डेमो को भी देखा और उनके साहस की प्रशंसा की। इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा और खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक बाजपेयी भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री ने सिंदेसर खुर्द माइन की वर्कर कैंटीन में 54 'जिंक रत्न' श्रमिकों और महिला माइनिंग इंजीनियरों के साथ दोपहर का भोजन किया। इसके साथ ही उन्होंने दरीबा माइंस की महिला कर्मचारियों से संवाद कर माइनिंग के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती और सशक्त भूमिका पर चर्चा की।
श्री रेड्डी ने कंपनी के सीएसआर स्टॉल का दौरा कर 'सखी', 'शिक्षा संबल', 'ऊंची उड़ान', मोबाइल हेल्थ वैन और जिंक फुटबॉल अकादमी जैसी सामाजिक परियोजनाओं की समीक्षा की। 'ऊंची उड़ान' कार्यक्रम से लाभान्वित होकर कोल इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों में करियर बनाने वाले युवाओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान जिंक का यह प्रयास समाज में स्थायी बदलाव लाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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