प्रयागराज: माधव ज्ञान केंद्र में शैक्षिक गुणवत्ता पर मंथन, 'अंग्रेजी से अंग्रेजी' पद्धति पर दिया गया जोर
सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र प्रयागराज में शैक्षिक गुणवत्ता और विद्यालय विकास पर प्रांतीय प्रधानाचार्य बैठक संपन्न
प्रयागराज। सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक के दूसरे दिन शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयी विकास को लेकर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रदेश निरीक्षक शोभेश पाण्डेय ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए शिक्षा के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
शोभेश पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालयों का संचालन केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षकों को अपनी प्रेरणा से छात्रों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा का व्यावहारिक विकास, कला और कौशल आधारित होना चाहिए ताकि विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँच सके।
- कार्यशाला में विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे गए:
- अंग्रेजी वातावरण: कक्षाओं में 'अंग्रेजी से अंग्रेजी' पद्धति अपनाते हुए वार्तालाप (Conversation) को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
- अतिरिक्त कक्षाएं: विषय विशेषज्ञों की कार्यशालाओं और मॉडल पेपर के माध्यम से छात्रों की तैयारी के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए।
- नियमितता एवं अनुशासन: शिक्षकों की डायरी का रखरखाव, साप्ताहिक कक्षा परीक्षण और प्रायोगिक कार्यों की नियमित शुरुआत को आवश्यक बताया गया।
बैठक में वक्ताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को ढालने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की 80 प्रतिशत उपस्थिति, उनके आचरण में सुधार, स्वच्छता और अनुशासन के माध्यम से ही 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रधानाचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे पूर्ण नैतिकता और कार्यकुशलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और विद्यालय की प्रगति को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया।
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