भक्ति की रसगंगा में डूबा केशवपुरम: श्रीमद् भागवत कथा का भावपूर्ण समापन, कल होगा विशाल भंडारा
कानपुर के केशवपुरम में श्रीमद् भागवत कथा का भावपूर्ण समापन, कल (3 जून) को आयोजित होगा विशाल भंडारा
(संजय शुक्ला)
कानपुर : एम ब्लॉक, केशवपुरम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आज सातवें दिन अत्यंत भावपूर्ण माहौल में समापन हो गया। इस आध्यात्मिक उत्सव के आखिरी दिन कथा व्यास परमपूज्य अन्न त्यागी श्री गोपाल तिवारी जी ने भक्तों को भक्ति और ज्ञान के मर्म से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि संसार में धर्म, व्रत और अटूट भक्ति ही मोक्ष का एकमात्र मार्ग हैं।
ज्ञान पर भारी पड़ी गोपियों की भक्ति
कथा के अंतिम दिन उद्धव-गोपी संवाद और सुदामा चरित्र का मुख्य रूप से वर्णन किया गया। व्यास जी ने बताया कि किस तरह ज्ञान के अहंकार में डूबे उद्धव जब गोपियों से मिले, तो उनका प्रेम और समर्पण देखकर दंग रह गए। गोपियों की निश्छल भक्ति के आगे उद्धव को अपना सारा ज्ञान बौना लगने लगा। इसके बाद जब मंच पर सुदामा चरित्र की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई, तो सुदामा और कृष्ण के प्रेम को देख पंडाल में मौजूद तमाम श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। भक्त इस दौरान भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
माता कुंती ने भगवान कृष्ण से मांगा दुखों का वरदान
कथा व्यास ने महाभारत के एक मर्मस्पर्शी प्रसंग का जिक्र करते हुए बताया कि युद्ध की समाप्ति के बाद जब भगवान श्रीकृष्ण विदा लेने लगे, तो उन्होंने माता कुंती से वरदान मांगने को कहा। इस पर कुंती ने जीवन में केवल 'दुख' मांगा। चकित होकर जब केशव ने इसका कारण पूछा, तो माता कुंती ने बेहद सुंदर उत्तर दिया—"हे कृष्ण! जब तक जीवन में दुख रहेगा, तब तक आपका स्मरण होता रहेगा और आपकी कृपा हम पर बरसती रहेगी।"
भजनों की रसगंगा और संतों का सानिध्य
आज के विशेष सत्र में महामंडलेश्वर माता श्री विजया जी महाराज का आगमन हुआ, जिनका भक्तों ने विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद लिया। कथा के दौरान भजनों की भी अद्भुत रसगंगा बही। "श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम...", "कौन से पुण्य किये राधे...", और "तेरी अखियाँ है जादू भरी..." जैसे सुप्रसिद्ध भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।
कथा को सफल बनाने में मुख्य रूप से विकास श्रीवास्तव, गोविंद तिवारी, अजय सक्सेना, मीरा दुबे, कल्पना श्रीवास्तव, नीति सक्सेना, नरेश चंद्र, और अजय श्रीवास्तव सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य लोग और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विशेष सूचना: सात दिनों के इस ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में कल (3 जून) को इसी आयोजन स्थल पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी क्षेत्रवासियों को प्रसाद ग्रहण करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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