बजहाभीट में मिया-बीबी की जंग में चली गोली: पुलिस ने जंगल में घेराबंदी कर दबोचे तीन 'साले', तमंचा-कारतूस बरामद
मानिकपुर के बजहाभीट में पति-पत्नी विवाद के दौरान फायरिंग करने वाले रायबरेली के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया
कुंडा (प्रतापगढ़)। पति-पत्नी के आपसी झगड़े में दखल देने पहुंचे मायके पक्ष के लोगों द्वारा फायरिंग करने के मामले में मानिकपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल अवैध तमंचा, कारतूस और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।
मामला मानिकपुर थाना क्षेत्र के बजहाभीट गांव का है। 8 मई की रात गांव निवासी कृपाशंकर का अपनी पत्नी साक्षी से विवाद हुआ था। कृपाशंकर का भाई शिवशंकर दोनों के बीच बीच-बचाव कर रहा था। इसी बीच पत्नी ने अपने मायके (रायबरेली) फोन कर दिया। कुछ ही देर में ससुराल पक्ष के लोग वहां पहुंच गए। बातचीत के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि मायके पक्ष से आए एक युवक ने शिवशंकर के पेट पर तमंचा सटाकर जान से मारने की नीयत से ट्रिगर दबा दिया। खुशकिस्मती रही कि शिवशंकर ने हाथ मारकर तमंचा झटक दिया और गोली मिस हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम अतौलिया के जंगल में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, आरोपी सचिन मौर्या, आशू मौर्या और लवकुश (सभी निवासी जनपद रायबरेली) जंगल में छिपकर अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे ताकि दोबारा हमला कर सकें।
थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अमित कुमार सिंह और उनकी टीम ने तीनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को मिला:
- हथियार: एक 315 बोर का देशी तमंचा।
- कारतूस: चार जिंदा कारतूस।
- वाहन: दो मोटरसाइकिलें।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे अपनी बहन के साथ हुई मारपीट से नाराज थे और सबक सिखाने के लिए हथियार लेकर ससुराल पहुंचे थे। पुलिस ने पूर्व में दर्ज मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए तीनों को जेल भेज दिया है।
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