रेलवे का डिजिटल कायाकल्प: 18.40 किमी लंबे ट्रैक पर शुरू हुई 'स्मार्ट' सिग्नलिंग, मानवीय त्रुटियों पर लगेगी लगाम
उत्तर मध्य रेलवे ने 18.40 किमी खंड में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की। ट्रेन परिचालन की क्षमता और सुरक्षा में होगा अभूतपूर्व सुधार
प्रयागराज (आनंदी मेल ब्यूरो): भारतीय रेल को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने आज एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। 28 मार्च 2026 को झाँसी मंडल के अंतर्गत रसूलपुर गोगोमऊ–पामन–लालपुर खंड में उन्नत 'ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग' (ABS) प्रणाली को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया। 18.40 किलोमीटर लंबे इस खंड में अब ट्रेनों का परिचालन पहले से कहीं अधिक तीव्र और सुरक्षित होगा।
इस नई प्रणाली के लागू होने से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब एक ही ट्रैक पर बहुत कम अंतराल (Follow-on movement) में एक के बाद दूसरी ट्रेन पूरी सुरक्षा के साथ चलाई जा सकेगी। इससे लाइन क्षमता (Line Capacity) में भारी वृद्धि होगी, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता (Punctuality) में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में हासिल की गई। इस परियोजना को समय सीमा के भीतर पूरा करने में प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता सतेंद्र कुमार, मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (प्रोजेक्ट–II) श्री भोलेन्द्र सिंह और मुख्यालय की टीम का विशेष सहयोग रहा। जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन कानपुर प्रोजेक्ट इकाई के उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता महेंद्र सिंह एवं श्रीमती निवेदिता त्रिपाठी के नेतृत्व में किया गया।
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