मानिकपुर: विदाई की बेला में छलके आंसू, चौकी प्रभारी संतोष यादव को जनता और सहयोगियों ने दी भावभीनी विदाई
मानिकपुर चौकी प्रभारी संतोष यादव की विदाई पर भावुक हुए कस्बेवासी। एक साल के बेदाग कार्यकाल के बाद रानीगंज तबादला
(एडवोकेट अजय पंडा / ब्यूरो)
मानिकपुर/प्रतापगढ़। पुलिस विभाग में तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली से जनता के दिलों पर ऐसी छाप छोड़ जाते हैं कि उनका जाना एक व्यक्तिगत क्षति जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ नजारा मानिकपुर कस्बे में देखने को मिला, जहाँ कस्बा चौकी प्रभारी संतोष यादव के स्थानांतरण पर पूरा क्षेत्र भावुक हो उठा।
संतोष यादव ने जनवरी 2025 में मानिकपुर चौकी की कमान संभाली थी। अपने लगभग एक वर्ष से अधिक के कार्यकाल में उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा, बल्कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को भी कम किया। अपराध नियंत्रण के साथ-साथ जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति उनकी सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र का चहेता बना दिया। अब उनका स्थानांतरण मानिकपुर से कसेरवा चौकी (थाना रानीगंज) के लिए कर दिया गया है।
विदाई समारोह के दौरान उस वक्त माहौल अत्यंत भावुक हो गया जब स्थानीय नागरिकों और साथी पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गईं। उपस्थित लोगों ने उनके सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए कहा कि संतोष यादव ने कभी भी वर्दी का रौब नहीं दिखाया, बल्कि हमेशा एक रक्षक की तरह लोगों की मदद की।
इस विदाई बेला पर इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, पूर्व चेयरमैन राम नरेश मौर्य, रतिभान मिश्रा, सभासद रिजवान और प्रेमनाथ दीक्षित सहित कस्बे के कई प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और उनके साथ बिताए गए चुनौतीपूर्ण और यादगार पलों को साझा किया। कार्यक्रम के अंत में उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर नई तैनाती के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि संतोष यादव जैसे पुलिस अधिकारियों की समाज को जरूरत है, जो नियम-कायदों के साथ मानवीय संवेदनाओं का भी सम्मान करते हैं। विदाई समारोह में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी का सम्मान जनता के बीच हमेशा सर्वोच्च रहता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
1
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0