हुसैनपुर में गूँजा 'मनरेगा बचाओ' का नारा: कमरतोड़ महंगाई और बेरोजगारी को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हुसैनपुर में 'मनरेगा बचाओ चौपाल' आयोजित। जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने महंगाई और मनरेगा की बदहाली पर सरकार को घेरा
प्रयागराज (आनंदी मेल ब्यूरो): सिसंई के ग्राम सभा हुसैनपुर में 28 मार्च को आयोजित 'मनरेगा बचाओ चौपाल' सत्ता पक्ष के खिलाफ आक्रोश का केंद्र बन गई। इस भव्य चौपाल में ग्रामीणों ने मनरेगा योजना की वर्तमान स्थिति और आसमान छूती महंगाई को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सचिव रमेश मौर्या ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव सुनील पाण्डेय द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि और गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, उसे सरकार सोची-समझी साजिश के तहत खत्म करने का प्रयास कर रही है। बजट में भारी कटौती और समय पर मजदूरी न मिलना गरीबों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
ईंधन की कीमतों पर तीखा प्रहार करते हुए अशफाक अहमद ने कहा, "आज पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की पहुँच से कोसों दूर हो चुके हैं। उज्ज्वला योजना के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन आज खाली सिलेंडर गरीबों के घरों में सरकार की विफलता के स्मारक बन गए हैं।" उन्होंने आगे कहा कि डीजल की बढ़ती कीमतों ने खेती-किसानी को ठप होने की कगार पर पहुँचा दिया है।
चौपाल में भारी संख्या में मौजूद महिलाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे इस लड़ाई को हर घर तक लेकर जाएंगे। वार रूम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी और ब्लॉक अध्यक्ष सुरेश पटेल सहित अन्य वक्ताओं ने भी सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना की।
इस अवसर पर डॉ. अमर सिंह पटेल, शिव प्रसाद मौर्या, प्रभात कुमार, और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं—जिनमें उर्मिला सिंह, चाइना देवी, शीला मौर्या, उमा, और लालती देवी शामिल रहीं—ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। चौपाल के अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक सुर में रोजगार और सस्ती ऊर्जा की मांग करते हुए आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।
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