प्रयागराज में मानव तस्करी के विरुद्ध 'सुरक्षा कवच': आरपीएफ और महिला आयोग ने फ्रंटलाइन कर्मियों को किया जागरूक
प्रयागराज में आरपीएफ और महिला आयोग द्वारा मानव तस्करी रोकने हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। 230 कर्मियों को मिली विशेष ट्रेनिंग।
प्रयागराज : महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने तथा मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों की जड़ें काटने के उद्देश्य से मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुंडेरा स्थित होटल जसवंत विलास में राष्ट्रीय महिला आयोग और रेलवे सुरक्षा बल (NCR) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का भव्य आयोजन हुआ।
31 मार्च 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा बबीता चौहान उपस्थित रहीं। उनके साथ मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार गुप्ता, डॉ. सरफराज अहमद खान और 'गुड़िया' एनजीओ के प्रतिनिधि प्रो. अजीत सिंह जैसे विशेषज्ञों ने शिरकत की।
विशेषज्ञों ने चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि तस्कर अक्सर परिवहन के लिए रेलवे नेटवर्क का सहारा लेते हैं। ऐसे में स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखना अनिवार्य है। वक्ताओं ने कहा कि पीड़ितों की पहचान और उनके समय पर बचाव के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच सटीक समन्वय होना चाहिए।
इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उन लोगों को प्रशिक्षित किया गया जो यात्रियों के सबसे करीब रहते हैं। कार्यक्रम में कुल 230 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें:
- 160 आरपीएफ कर्मी और 24 जीआरपी जवान।
- 25 वाणिज्य विभाग के कर्मचारी।
- 10 वेंडर, 08 कुली और 03 पुलिस कर्मी।
इन सभी फ्रंटलाइन कर्मियों को मानव तस्करी के लक्षणों को पहचानने और तत्काल कार्रवाई करने के गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य रेलवे परिसर में कार्यरत सभी एजेंसियों—चाहे वह टिकट चेकिंग स्टाफ हो या वेंडर—को इस गंभीर मुद्दे के प्रति संवेदनशील बनाना था। रेलवे और महिला आयोग की इस साझा पहल से भविष्य में तस्करी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।
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