हिमाचल में 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' से जमीनी बदलाव की नई शुरुआत
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के जरिए अति निर्धन 1.78 लाख परिवारों की तकदीर बदलने जा रही है। जानिए कैसे अब जनसंवाद अभियान से तैयार होंगी सरकारी योजनाएं।
शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं को आकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है। अब योजनाएं सरकारी दफ्तरों की फाइलों में बंद होकर नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सीधे संवाद और उनकी प्राथमिक जरूरतों के आधार पर तैयार की जाएंगी। प्रदेश के लगभग 1.78 लाख अति निर्धन परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार लाने के लिए 'अपना परिवार सुखी परिवार योजना' के तहत ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय विशेष जनसंवाद अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान के दौरान स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी अति निर्धन परिवारों से सीधा संवाद कर रहे हैं। उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और आजीविका से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि भावी योजनाओं को सीधे जनता की जरूरतों के अनुकूल ढाला जा सके।
इस योजना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पंचायत स्तर पर आठ चरणों में किए गए विस्तृत सर्वे के माध्यम से ऐसे 85 हजार से अधिक परिवारों को भी चिन्हित किया गया है, जो बेहद गरीब होने के बावजूद वर्षों से बीपीएल सूची से वंचित थे। सातवें चरण तक प्राप्त 2.38 लाख से अधिक आवेदनों की बारीकी से जांच के बाद अब चिन्हित परिवारों का आंकड़ा 1.78 लाख के करीब पहुंच गया है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल तात्कालिक आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि इन बेहद पिछड़े परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस जनसंवाद से मिलने वाले सुझावों के आधार पर न केवल मौजूदा योजनाओं में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, बल्कि आवश्यकतानुसार नई योजनाएं भी शुरू की जाएंगी। हिमाचल प्रदेश में जनभागीदारी से शुरू हुई यह नई कार्यशैली गरीब कल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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