संकष्टी चतुर्थी: बप्पा की कृपा के लिए राशि और मनोकामना अनुसार आज ही करें इन विशेष मंत्रों का जाप
संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए राशि और मनोकामना अनुसार करें इन अचूक मंत्रों का जाप और विशेष उपाय
संकष्टी चतुर्थी की सरल पूजा विधि
आचार्य विजय कुमार के अनुसार, इस दिन भक्तों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए।
- स्थापना: एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- पूजन: बप्पा को सिंदूर का तिलक लगाएं, घी का दीपक जलाएं और फूल, फल, मोदक, लड्डू या गुड़-चने का भोग लगाएं।
- पाठ व आरती: गणेश चालीसा का पाठ करें, अंत में बप्पा की आरती उतारें और शंखनाद से पूजा संपन्न करें।
- चंद्र दर्शन: रात में चंद्रमा के उदय होने पर उन्हें अर्घ्य दें, चंद्र दर्शन करें और फिर व्रत का पारण करें।
मनोकामना के अनुसार करें इन चमत्कारी मंत्रों का जाप
यदि आप जीवन की किसी विशेष समस्या से जूझ रहे हैं, तो आज के दिन अपनी इच्छा के अनुसार इन मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप अवश्य करें:
1. विद्या और बुद्धि प्राप्ति के लिए (छात्रों के लिए):
पीले वस्त्र धारण करके भगवान गणेश को पीली वस्तुएं और पीला रेशम का धागा अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें। पूजा के बाद वह धागा माता-पिता या गुरु से अपनी कलाई पर बंधवा लें।
2. संतान सुख की कामना के लिए:
बप्पा को फलों की माला अर्पित करें और संतान गणपति स्तोत्र का पाठ करें। इसके साथ ही 'ॐ उमापुत्राय नमः' मंत्र का जाप करें। बाद में इन फलों को बच्चों में बांट दें।
3. नौकरी और करियर में तरक्की के लिए:
भगवान गणेश को अपनी उम्र की संख्या के बराबर लड्डू चढ़ाएं। हर लड्डू चढ़ाते समय 'ॐ नमो भगवते लम्बोदराय' मंत्र का जाप करें। पूजा के बाद एक लड्डू स्वयं खाएं और बाकी प्रसाद के रूप में बांट दें।
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