निसंतानता अब अभिशाप नहीं, सही समय पर इलाज से संभव है माता-पिता बनने का सपना: प्रयागराज में 'वर्ल्ड आईवीएफ डे' पर विशेष पहल
बिरला फर्टिलिटी प्रयागराज में 25 जुलाई को वर्ल्ड आईवीएफ डे पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। #WorldIVFDay #BirlaFertility #IVFAwareness #PrayagrajNews #InfertilityTreatment #DrMadhulikaSingh #DrAnkurPandey #IVFSuccess #ParenthoodJourney
प्रयागराज : शादी के कई सालों बाद भी जब आंगन में किलकारी नहीं गूंजती, तो निराशा और सामाजिक दबाव कपल्स को तोड़कर रख देता है। लेकिन आधुनिक मेडिकल साइंस के इस दौर में अब निसंतानता कोई ऐसा अभिशाप नहीं है जिसका समाधान न हो सके। इसी संदेश और उम्मीद के साथ बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, प्रयागराज 25 जुलाई को 'वर्ल्ड आईवीएफ डे' (विश्व आईवीएफ दिवस) के अवसर पर एक विशेष जागरूकता व सम्मान समारोह का आयोजन करने जा रहा है।
हाल ही में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में केंद्र की वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. मधुलिका सिंह और डॉ. अंकुर पांडे ने प्रजनन स्वास्थ्य (Fertility Health) में आ रहे आधुनिक बदलावों, आईवीएफ से जुड़ी भ्रांतियों और इसके सफल इलाज पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
25 जुलाई का ऐतिहासिक महत्व: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड आईवीएफ डे?
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. मधुलिका सिंह ने बताया कि 25 जुलाई का दिन फर्टिलिटी साइंस की दुनिया में एक मील का पत्थर है। इसी दिन साल 1978 में लुईस ब्राउन (Louise Brown) का जन्म हुआ था, जो दुनिया की पहली आईवीएफ बेबी (टेस्ट ट्यूब बेबी) थीं। लुईस के जन्म ने पूरी दुनिया के उन लाखों-करोड़ों दंपत्तियों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई थी जो संतान सुख से वंचित थे।
डॉ. सिंह ने कहा : "25 जुलाई को हम यह खास दिन उन सभी कपल्स के लिए मनाते हैं जो निसंतानता की समस्या से जूझ रहे हैं, और साथ ही उन डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के लिए भी जो इस कठिन राह में उनका संबल बनते हैं। बिरला फर्टिलिटी प्रयागराज में हम एक छोटा लेकिन बेहद खास कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इसमें उन कपल्स को भी आमंत्रित किया गया है जो वर्तमान में इलाज करा रहे हैं, और उन्हें भी जो हमारे केंद्र से आईवीएफ के जरिए सफल होकर आज अपने बच्चों के साथ एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।"
भ्रांतियां और डर दूर करना ही मुख्य उद्देश्य
अक्सर देखा जाता है कि समाज में आईवीएफ (In-Vitro Fertilization) को लेकर कई तरह के भ्रम, डर और नकारात्मकता फैली हुई है। कई लोगों को लगता है कि आईवीएफ से पैदा हुआ बच्चा उनका अपना नहीं होता, या फिर इसकी सफलता की संभावना बेहद कम होती है।
इन भ्रांतियों को खारिज करते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि आईवीएफ पूरी तरह से वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रक्रिया है। जब ट्यूब बंद होने, यूट्रस (बच्चेदानी) में समस्या, पुरुषों में शुक्राणुओं (Sperm Count) की कमी या बिना किसी स्पष्ट कारण (Unexplained Infertility) के स्वाभाविक रूप से कंसीव करने में दिक्कत आती है, तब आईवीएफ तकनीक का सहारा लिया जाता है।
इस प्रक्रिया में महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु को अत्याधुनिक आईवीएफ लैब में फर्टिलाइज कराकर भ्रूण (Embryo) तैयार किया जाता है, जिसे बाद में महिला के गर्भाशय में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाता है। मेडिकल साइंस में आई प्रगति के कारण अब इसका सक्सेस रेट पहले की तुलना में काफी बेहतर और विश्वस्तरीय हो चुका है।
कितना आता है खर्च? मिडिल क्लास कपल्स के लिए राहत
एक आम मध्यमवर्गीय परिवार के लिए इलाज का बजट सबसे बड़ा सवाल होता है। खर्चे के सवाल पर डॉ. अंकुर पांडे और डॉ. मधुलिका सिंह ने स्थिति साफ करते हुए बताया कि आईवीएफ का खर्च हर मरीज की मेडिकल स्थिति और उनके लिए तय किए गए प्रोटोकॉल पर निर्भर करता है।
फिर भी एक औसतन देखा जाए तो आईवीएफ प्रक्रिया में लगभग ₹1 लाख से ₹2.5 लाख तक का खर्च आता है। सही समय पर डॉक्टर के पास पहुंचने से न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि इलाज का खर्च और जटिलताएं भी काफी कम हो जाती हैं।
बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ क्यों है खास?
बाकी फर्टिलिटी सेंटर्स से अपनी अलग पहचान पर बात करते हुए डॉक्टर्स ने पारदर्शिता (Transparency) और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया।
- पूरी पारदर्शिता: बिरला फर्टिलिटी में इलाज शुरू होने से पहले ही मरीज को खर्चे, प्रक्रिया और सफलता दर (Success Rate) के बारे में पूरी सच्चाई स्पष्ट रूप से बता दी जाती है। कोई हिडन चार्ज (छिपा हुआ खर्च) नहीं होता।
- किफायती इलाज: गुणवत्ता से बिना कोई समझौता किए, अन्य केंद्रों की तुलना में यहाँ इलाज को अधिक से अधिक किफायती रखने का प्रयास किया जाता है।
- एडवांस टेक्नोलॉजी: अत्याधुनिक लैब और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ हर मरीज को व्यक्तिगत ध्यान दिया जाता है।
यदि सही समय पर, सही मार्गदर्शन और सही अस्पताल का चुनाव किया जाए, तो माता-पिता बनने का अधूरा सपना यकीनन पूरा हो सकता है। 25 जुलाई को बिरला फर्टिलिटी प्रयागराज का यह आयोजन निसंतानता से जूझ रहे जोड़ों में एक नया विश्वास जगाने का काम करेगा।a
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