कौशाम्बी: सुखधरनपुर किठाव में सफाई कर्मी नदारद, बिना बारिश के ही 'तालाब' बनीं गलियां, पनप रही बीमारियां

कौशाम्बी के सुखधरनपुर किठाव में सफाई कर्मी के गायब रहने से नालियां चोक, बिना बारिश ही गलियां बनीं बदबूदार तालाब

Jul 05, 2026 - 12:51
0 2
कौशाम्बी: सुखधरनपुर किठाव में सफाई कर्मी नदारद, बिना बारिश के ही 'तालाब' बनीं गलियां, पनप रही बीमारियां

कौशाम्बी: Uttar Pradesh के कौशाम्बी जिले में स्वच्छता अभियान के दावों को धत्ता बताते हुए विकास खंड कड़ा के अंतर्गत एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। थुलगुला ग्राम पंचायत के मजरा सुखधरनपुर, किठाव में इन दिनों मानसून की मार से पहले ही प्रशासनिक लापरवाही की मार देखने को मिल रही है। क्षेत्र में पिछले कई हफ्तों से नालियों की सफाई न होने के कारण हालात बद से बदतर हो चुके हैं, जिसके चलते बिना बारिश के ही पूरी गली तालाब में तब्दील हो गई है।

स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि सड़कों पर जमा यह घुटनों तक पानी किसी आसमानी बारिश का नहीं है, बल्कि यह घरों से निकलने वाला गंदा पानी है। नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिसके कारण कचरा, सड़े हुए पत्ते और प्लास्टिक की बोतलें पानी के ऊपर तैर रही हैं। गली में चौतरफा काला और बदबूदार पानी जमा होने के कारण लोगों का सांस लेना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि तैनात सफाई कर्मी हफ्तों से गांव का रुख नहीं कर रहे हैं, जिससे यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।

इस गंभीर जलभराव के कारण ग्रामीणों को न केवल आवाजाही में दिक्कत हो रही है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और संपत्ति पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है:

  • बीमारियों का बसेरा: जमे हुए गंदे पानी में बड़े पैमाने पर मच्छर और मक्खियां पनप रही हैं। इसके चलते गांव के बच्चों में उल्टी, दस्त और तेज बुखार की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
  • आवाजाही ठप: गली मुख्य रास्ता होने के कारण अब यहां से पैदल निकलना या बाइक निकालना किसी जंग जीतने जैसा है। कई लोग गंदे पानी में फिसलकर चोटिल भी हो रहे हैं।
  • मकानों को खतरा: सड़कों और गलियों में हफ्तों पानी जमा रहने के कारण आस-पास के पक्के मकानों की दीवारें अब सीलन पकड़कर गलने लगी हैं, जिससे भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस नारकीय स्थिति को लेकर उन्होंने स्थानीय प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें की हैं। लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। आज तक धरातल पर न तो कोई सफाई कर्मी पहुंचा और न ही नालियों को खुलवाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि सफाई कर्मी की इस मनमानी और लंबी अनुपस्थिति के पीछे स्थानीय स्तर पर बड़ी मिलीभगत का खेल चल रहा है, जिसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।

अब देखना यह है कि इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला जागता है या सुखधरनपुर किठाव के लोग ऐसे ही नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहेंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User