नीट विवाद पर भड़के छात्र पारदर्शिता और प्रश्नपत्र लीक मामलों में जांच की मांग
नीट परीक्षा विवाद और परिणाम में गड़बड़ी के आरोपों पर छात्रों ने नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को लेकर देशभर में जारी विवाद पर परीक्षार्थियों और अभ्यर्थियों का गुस्सा और निराशा लगातार गहराती जा रही है। पूरे साल दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार सामने आ रही कमियों और विवादों से उनका भविष्य अधर में लटक गया है।
अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र लीक होने के दावों, ओएमआर शीट के अंकों में कथित अंतर और दोबारा परीक्षा आयोजित करने के फैसलों ने उनके मानसिक तनाव को कई गुना बढ़ा दिया है। कोचिंग सेंटरों और मेडिकल आकांक्षी छात्रों का तर्क है कि बार-बार की परीक्षाओं से न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद होता है, बल्कि परीक्षा की निष्पक्षता से भी उनका भरोसा उठ रहा है।छात्रों के मुख्य रूप से दो पक्ष सामने आ रहे हैं।
एक तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने कड़े कड़े परिश्रम के बाद उत्तर कुंजी से अच्छे अंक मिलने की उम्मीद जताई थी, लेकिन नतीजों में तकनीकी विसंगतियों का आरोप लगाकर वे न्याय और पुनर्मूल्यांकन की गुहार लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, कई छात्र और अभिभावक संपूर्ण प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा कराने तथा उत्तरदायी एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक छात्र अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यह केवल एक प्रवेश परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और डॉक्टर बनने की निष्ठा से जुड़ा सवाल है। छात्रों ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से मांग की है कि परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार किए जाएं ताकि योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सके।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)