सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा शिव जी का प्रिय महीना, नोट कर लें सावन सोमवार और शिवरात्रि की सही तारीखें

सावन 2026 की शुरुआत 30 जुलाई से होगी। जानें सावन सोमवार की सभी तारीखें और सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त

Jul 03, 2026 - 11:45
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सावन 2026: 30 जुलाई से शुरू होगा शिव जी का प्रिय महीना, नोट कर लें सावन सोमवार और शिवरात्रि की सही तारीखें

भगवान शिव की उपासना का सबसे पावन और प्रिय महीना 'सावन' इस वर्ष 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है। आषाढ़ महीना लगते ही शिव भक्तों में सावन को लेकर उत्सुकता बढ़ जाती है। इस पूरे महीने श्रद्धालु महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं, सोमवार के व्रत रखते हैं और कई भक्त पवित्र नदियों से जल भरकर कांवड़ यात्रा पर भी निकलते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से सावन सोमवार और शिवरात्रि का व्रत रखकर भगवान शिव की भक्ति करता है, भोलेनाथ उसकी झोली खुशियों से भर देते हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में सावन कब से कब तक रहेगा और शिवरात्रि व सोमवार की सही तिथियां क्या हैं।

सावन महीना 2026 (Sawan 2026 Start And End Date)
साल 2026 में सावन का महीना 30 जुलाई 2026 से प्रारंभ हो रहा है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह साल का पांचवां महीना होता है। वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में इस पावन महीने की शुरुआत कर्क संक्रांति से ही हो जाती है।

सावन सोमवार व्रत की तारीखें (Sawan Somwar 2026 Dates)
इस साल सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। सोमवार व्रत की तिथियां इस प्रकार हैं:

  • प्रथम सावन सोमवार व्रत: 3 अगस्त 2026
  • द्वितीय सावन सोमवार व्रत: 10 अगस्त 2026
  • तृतीय सावन सोमवार व्रत: 17 अगस्त 2026
  • चतुर्थ सावन सोमवार व्रत: 24 अगस्त 2026

सावन शिवरात्रि 2026 और पूजा मुहूर्त (Sawan Shivratri 2026 Date & Muhurat)
इस साल सावन महीने की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। शिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर की पूजा का विशेष महत्व होता है।

  • मुख्य पूजा का शुभ मुहूर्त: देर रात 12:05 AM से 12:48 AM तक (11 अगस्त की रात)
  • व्रत पारण का समय: 12 अगस्त 2026 की सुबह 05:49 AM के बाद
  • चार प्रहर की पूजा का समय:
  • प्रथम प्रहर: शाम 07:04 PM से रात 09:45 PM तक
  • द्वितीय प्रहर: रात 09:45 PM से देर रात 12:26 AM तक (12 अगस्त)
  • तृतीय प्रहर: देर रात 12:26 AM से सुबह 03:07 AM तक (12 अगस्त)
  • चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:07 AM से सुबह 05:49 AM तक (12 अगस्त)

सावन मास के प्रमुख त्योहार
श्रावण मास में केवल सोमवार ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण त्योहार भी मनाए जाते हैं। इनमें मंगला गौरी व्रत, कामिका एकादशी, हरियाली अमावस्या, श्रावणी तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन और श्रावण पुत्रदा एकादशी जैसे बड़े पर्व शामिल हैं।

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