मथुरा फायरिंग कांड: रेंज रोवर की 'शान' पड़ी भारी, पुलिस ने गाड़ियाँ तो पकड़ीं पर आरोपी अब भी 'हवा'
मथुरा के सियाराम वाटिका फायरिंग कांड में फरार पार्षद पति की रेंज रोवर जब्त; 27 मार्च को जमानत पर होगी सुनवाई।
मथुरा (सुमित गोस्वामी): सियाराम वाटिका में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पार्षद पति और मुख्य आरोपी तिलकवीर अभी भी गिरफ्त से बाहर है, लेकिन पुलिस ने उसकी 'रेंज रोवर' कार को जब्त कर अपनी कार्यवाही की औपचारिकता पूरी की है। अब चर्चा का विषय यह है कि— "रेंज रोवर मौन, आखिर स्वामी कौन और इसे रिलीज कराए कौन?"
क्या है पूरा मामला?
बीती 12 मार्च की रात कोतवाली क्षेत्र के जनकपुरी स्थित सियाराम वाटिका में शादी समारोह के दौरान शराब को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था। आरोप है कि पार्षद पति तिलकवीर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सरेआम फायरिंग की, जिसमें राजस्थान की रहने वाली एक महिला घायल हो गई थी। मौके पर मौजूद चौकी प्रभारी ने साहसिक कदम उठाते हुए आरोपी से पिस्टल तो छीन ली, लेकिन आरोपी अपने साथियों सहित भागने में सफल रहा।
एसएसपी के आदेश पर 9 नामजद और 32 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब तक आरोपियों को तो नहीं पकड़ सकी है, लेकिन दबिश के नाम पर आरोपी के घर खड़ी दो गाड़ियों और घटना में प्रयुक्त लग्जरी रेंज रोवर कार को खींचकर थाने ले आई है।
गाड़ी का मालिक कौन? रेंज रोवर के पंजीकृत स्वामी रितेश अग्रवाल का कहना है कि तिलकवीर उनके मित्र हैं और गाड़ी केवल डिलीवरी के बाद उनके पास रुकी थी। अब वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी गाड़ी रिलीज कराने की तैयारी में हैं।
फरार पार्षद पति तिलकवीर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला जज की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है। अदालत ने इस प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई के लिए 27 मार्च की तिथि निर्धारित की है। दूसरी ओर, पुलिस का दावा है कि आरोपियों के फोन बंद होने के कारण लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है, लेकिन जल्द ही उन्हें जेल भेजा जाएगा।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति तो की है, लेकिन कागजी कार्यवाही अभी भी कछुआ गति से चल रही है।
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