कुंडा: जिला स्तरीय समाधान दिवस में 'साहब' नदारद, 244 फरियादियों में से केवल 11 को मिला मौके पर न्याय
कुंडा में जिला स्तरीय समाधान दिवस में उमड़ी भीड़; 244 में से मात्र 11 का निस्तारण, डीएम-एसपी की गैरमौजूदगी खली
कुंडा/प्रतापगढ़। जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दावों के बीच शनिवार को कुंडा तहसील के ब्लॉक सभागार में आयोजित 'जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस' औपचारिकताओं की भेंट चढ़ता नजर आया। कहने को तो यह जिला स्तरीय आयोजन था, लेकिन जनपद के मुखिया जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति तहसील परिसर में चर्चा और असंतोष का केंद्र बनी रही।
एसडीएम ने संभाली कमान, शिकायतों का लगा अंबार
उच्चाधिकारियों की अनुपस्थिति में एसडीएम (न्यायिक) आकांक्षा जोशी ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। तहसील के दूर-दराज गांवों से न्याय की उम्मीद में भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। कुल 244 शिकायती पत्र प्राप्त हुए, लेकिन निस्तारण की गति बेहद धीमी रही। शाम तक केवल 11 मामलों का ही मौके पर समाधान हो सका, जबकि शेष 233 शिकायतों को संबंधित विभागों को फॉरवर्ड कर दिया गया।
इन समस्याओं को लेकर पहुंचे फरियादी
समाधान दिवस में सबसे अधिक मामले राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े रहे। प्रमुख समस्याओं में शामिल थे:
- जमीन विवाद और अवैध कब्जे
- राजस्व संबंधी त्रुटियां
- पेंशन, आवास और शौचालय के अधूरे लाभ
- बिजली कटौती और खराब सड़क मार्ग
एसडीएम आकांक्षा जोशी ने सख्त रुख अपनाते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर शिकायतों की जांच करें और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जनता में असंतोष: "बड़े साहब आते तो बात बनती"
जिला स्तरीय आयोजन होने के कारण फरियादियों को उम्मीद थी कि डीएम और एसपी के सामने उनकी बात प्रभावी ढंग से रखी जाएगी। कई फरियादियों ने दबी जुबान में कहा कि बड़े अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण तहसील स्तर के अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सीओ कुंडा अमर नाथ गुप्ता, पीडी दयाराम यादव, तहसीलदार अलख नारायण सहित ब्लॉक और तहसील स्तर के कर्मचारी मौजूद रहे, लेकिन उच्चाधिकारियों का न आना पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
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