मोडिफाई साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न वालों की अब खैर नहीं, जेल के साथ कटेगा 10 हजार का चालान
कानपुर में मोडिफाई साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई; भारी जुर्माने के साथ डीएल और पंजीकरण होगा निरस्त।
कानपुर : सड़कों पर कानफोड़ू आवाज वाले साइलेंसर से 'पटाखे' छोड़ने और प्रेशर हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर अब परिवहन विभाग का हंटर चलने वाला है। मा. उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ने सख्त रुख अख्तियार किया है। अब ऐसे वाहनों के न केवल चालान होंगे, बल्कि वाहन का पंजीकरण (RC) और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) भी निलंबित किया जाएगा।
शनिवार को आरटीओ कार्यालय में एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह ने शहर के समस्त डीलरों, गैराज और वर्कशॉप संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी वर्कशॉप पर वाहनों में अनधिकृत बदलाव (Alteration) जैसे हूटर, प्रेशर हॉर्न या मोडिफाई साइलेंसर लगाए गए, तो संचालक के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 182A (3) के तहत विधिक कार्यवाही और भारी जुर्माना किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर दंड की श्रेणी निर्धारित की है:
वाहन स्वामी पर कार्यवाही: धारा 182A (4) के तहत अवैध बदलाव कराने पर 6 माह का कारावास या प्रति बदलाव 5,000 रुपये का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।
सड़क पर वाहन चलाने पर: यदि कोई प्रतिबंधित उपकरणों के साथ वाहन चलाता पाया गया, तो धारा 190 (2) के तहत पहली बार में 10,000 रुपये जुर्माना और 3 माह की जेल का प्रावधान है।
एआरटीओ ने साफ किया कि ध्वनि और वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, धारा 53 (1) के तहत वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) को निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
"जनता से अपील है कि वे अपने वाहनों से तत्काल अवैध साइलेंसर और हूटर हटवा लें। सर्विस सेंटर संचालकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे वाहनों की सर्विस तभी करें जब उनमें से मोडिफाई उपकरण हटा दिए जाएं।" - आलोक कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
इस नई व्यवस्था से कानपुर की सड़कों पर होने वाले शोर-शराबे और हुड़दंग पर लगाम लगने की उम्मीद है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0