'बांटने वाले समाज के हितैषी नहीं', दारागंज में बनेगा जगद्गुरु रामानंदाचार्य का भव्य स्मारक
प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य को नमन किया और दारागंज में उनके भव्य स्मारक निर्माण की घोषणा की।
प्रयागराज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित सतुआ बाबा शिविर में आयोजित श्रीमद् जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी के 726वें प्राकट्य महोत्सव में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल सनातन संस्कृति की महानता का बखान किया, बल्कि समाज को बांटने वाली शक्तियों को कड़ी चेतावनी भी दी।
दारागंज में बनेगा भव्य स्मारक और मंदिर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिस पावन धरा दारागंज में भगवान रामानंदाचार्य का प्राकट्य हुआ था, वहां सरकार एक भव्य स्मारक और मंदिर का निर्माण कराएगी। उन्होंने संतों का आह्वान करते हुए कहा, "रामानंदाचार्य जी ने बंटे हुए समाज को जोड़ने का कार्य किया था। उनके द्वादश शिष्यों में कबीर दास और संत रविदास जैसी महान विभूतियां शामिल थीं, जो इस बात का प्रमाण है कि भक्ति में कोई जातिगत भेद नहीं होता।"
'सेकुलरिज्म' के नाम पर बांटने वालों से रहें सावधान
मुख्यमंत्री ने वर्तमान वैश्विक और सामाजिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग जाति और मत-संप्रदाय के नाम पर समाज को विभाजित कर रहे हैं, वे कभी किसी के हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने बांग्लादेश के हालातों का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि यदि हम बंटे, तो परिणाम सर्वनाशकारी होंगे। उन्होंने कहा, "डबल इंजन की सरकार सनातन आस्था को मजबूती देने के लिए संकल्पित है। बांटने और कमजोर करने वाली ताकतों को पनपने न दें।"
रिकॉर्ड तोड़ रहा माघ मेला: 5 दिनों में 1 करोड़ स्नान
मेले की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पौष पूर्णिमा के अवसर पर लगभग 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 दिनों के भीतर अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। सीएम ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से गंगा का जल इतना निर्मल है कि श्रद्धालु आचमन और स्नान कर आत्मिक शांति महसूस कर रहे हैं।
राम मंदिर और संतों की एकता का फल
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को संतों की तपस्या और प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 1952 से देश ने कई प्रधानमंत्री देखे, लेकिन अयोध्या की मूल आत्मा को सम्मान दिलाने का साहस केवल वर्तमान नेतृत्व ने दिखाया।
इस कार्यक्रम में जगद्गुरु सतुआ बाबा, स्वामी चिदानंद सरस्वती, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, और नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' सहित भारी संख्या में संत समाज और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संतों ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने और कुंभ-महाकुंभ के सफल आयोजनों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
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