श्रद्धांजलि: सरस्वती विद्या मंदिर में मनाई गई गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती
प्रयागराज के सरस्वती विद्या मंदिर में रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मनाई गई। वक्ताओं ने उनके साहित्य व सांस्कृतिक योगदान को याद किया
प्रयागराज : 'जन गण मन' के रचयिता और विश्व विख्यात साहित्यकार गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती सरस्वती विद्या मंदिर, माधव ज्ञान केंद्र में गरिमामय तरीके से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने नोबेल पुरस्कार विजेता टैगोर को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता सतीश शुक्ल ने टैगोर के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुदेव केवल एक कवि या लेखक नहीं, बल्कि एक महान दार्शनिक और शिक्षाविद् थे, जिन्होंने भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाई। उनके द्वारा स्थापित 'शांति निकेतन' आज भी विश्व को शिक्षा और प्रकृति के समन्वय का संदेश दे रहा है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि टैगोर का जीवन संघर्ष और रचनात्मकता का अनूठा उदाहरण है। उन्होंने छात्रों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यों और छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। समारोह का समापन गुरुदेव के जीवन पथ पर चलने के संकल्प और शुभाशीष के साथ हुआ।
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