मथुरा में पेट्रोल के 'काले खेल' का अंत: ढाबे पर पेट्रोल चोरी और मिलावट करने वाले गिरोह के 5 गुर्गे गिरफ्तार

मथुरा में ढाबे पर पेट्रोल चोरी और एथेनॉल मिलावट के बड़े खेल का पर्दाफाश। संयुक्त टीम ने 5 आरोपियों को दबोचा।

Apr 23, 2026 - 21:42
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मथुरा में पेट्रोल के 'काले खेल' का अंत: ढाबे पर पेट्रोल चोरी और मिलावट करने वाले गिरोह के 5 गुर्गे गिरफ्तार

(सुमित गोस्वामी )

मथुरा: जनपद में अवैध ईंधन के काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी स्ट्राइक की है। थाना जमुनापार पुलिस, आबकारी विभाग और जिला पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने लक्ष्मीनगर-गोकुल रोड स्थित ब्रजवासी ढाबा पर छापेमारी कर तेल चोरी और मिलावट के संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध उपकरण बरामद किए हैं।

मुखबिर की सटीक सूचना पर बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे जब टीम ने दबिश दी, तो नजारा चौंकाने वाला था। हाईवे पर स्थित ब्रजवासी ढाबे को अपराधियों ने तेल चोरी का अड्डा बना रखा था। यह गिरोह रिफाइनरी से निकलने वाले टैंकरों को यहाँ रोककर उनमें से शातिर तरीके से एथेनॉल निकालते थे और फिर उसे पेट्रोल में मिलाकर बाजार में खपा देते थे।

बरामदगी और गिरफ्तारी का विवरण

  • पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान जब्त किया है:
  • वाहनों की खेप: 4 विशाल टैंकर और एक ईको कार।
  • अवैध ईंधन: करीब 300 लीटर अपमिश्रित (मिलावटी) तरल पदार्थ।
  • उपकरण: टैंकरों से सील तोड़कर तेल निकालने और मिश्रण करने के विशेष उपकरण।

गिरफ्तार अभियुक्तों की कुंडली:

  • भूरा उर्फ मनोज: ढाबा मालिक (अलीगढ़)
  • राजेंद्र प्रसाद उर्फ बबलू: (आगरा)
  • ओमपाल: (अमरोहा)
  • अंसार: (मेरठ)
  • प्रमोद कुमार: (बुलंदशहर)

इनमें से अधिकांश आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है और वे पहले भी आबकारी व आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जेल जा चुके हैं।

गिरोह के सदस्य एथेनॉल का अपमिश्रण कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। इस मिलावटी तेल से न केवल सरकारी खजाने को चूना लग रहा था, बल्कि अनजाने में इसे खरीदने वाले वाहन स्वामियों के इंजनों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा था।

थाना जमुनापार में इस मामले को लेकर मुकदमा संख्या 162/26 के तहत धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) में मामला दर्ज किया गया है।

टीम की सफलता: इस बड़ी कार्रवाई में निरीक्षक नरेश कुमार, पूर्ति निरीक्षक रविकांत व संतोष वर्मा, और आबकारी निरीक्षक ईशा गोयल व निहांत यादव की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और मुख्य खरीदारों की तलाश में जुटी है।

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