सेबी की कार्रवाई के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स में लोअर सर्किट
सेबी द्वारा सीईओ राजेश मेहता पर प्रतिबंध लगाने के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट आई है।
भारतीय शेयर बाजार के रेगुलेटर सेबी (SEBI) द्वारा राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (REL) और उसके प्रमोटर व सीईओ राजेश मेहता पर कड़ा प्रतिबंध लगाने के बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर 5 प्रतिशत टूटकर एनएसई (NSE) पर ₹98.73 के लोअर सर्किट पर लॉक हो गए।
इस बड़ी नियामक कार्रवाई के कारण पिछले दो दिनों में निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। क्या है पूरा मामला?सेबी ने अपने 109 पन्नों के अंतरिम आदेश में राजेश एक्सपोर्ट्स पर भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय हेरफेर का आरोप लगाया है। सेबी के मुताबिक, कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच करीब ₹15.15 लाख करोड़ का फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर (Inflated) रेवेन्यू दिखाया है।
रेगुलेटर ने पाया कि कंपनी का लगभग 97 से 99 प्रतिशत राजस्व केवल कागजों पर था और यह उनकी विदेशी सहायक कंपनियों, विशेष रूप से स्विट्जरलैंड स्थित 'वाल्काम्बी' के वास्तविक वित्तीय रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। इसके अलावा, राजेश मेहता पर कंपनी के फंड (लगभग ₹7.4 करोड़) को अपने निजी ट्रेडिंग अकाउंट में डायवर्ट करने और पर्सनल डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल करने का भी आरोप है।
कौन हैं राजेश मेहता?राजेश मेहता बेंगलुरु स्थित देश की दिग्गज गोल्ड रिफाइनर और ज्वेलरी निर्माता कंपनी 'राजेश एक्सपोर्ट्स' के संस्थापक और प्रमुख निर्णय लेने वाले प्राधिकारी हैं। उन्होंने अपने भाई प्रशांत मेहता के साथ मिलकर 1989 में एक छोटे से कारखाने से इस बिजनेस की शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने खुदरा बाजार में 'शुभ ज्वेलर्स' नाम से स्टोर चेन खोली। राजेश मेहता को भारतीय सोने के बाजार का एक बड़ा नाम माना जाता था और वह कंपनी के सभी वित्तीय और रणनीतिक फैसलों के सर्वेसर्वा रहे हैं।
कंपनी ने आरोपों को नकाराइस बीच, राजेश एक्सपोर्ट्स ने शेयर बाजारों को दी सफाई में सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है और उनका घोषित रेवेन्यू पूरी तरह सही है। कंपनी के मुताबिक, यह पूरा मामला सेबी और कंपनी के बीच डेटा कैलकुलेशन को लेकर पैदा हुए 'कम्युनिकेशन गैप' और भ्रम का नतीजा है, जिसे वे जरूरी दस्तावेज सौंपकर जल्द ही स्पष्ट कर देंगे। फिलहाल, सेबी ने मामले की नई फॉरेंसिक ऑडिट के आदेश दिए हैं और राजेश मेहता के बाजार में ट्रेडिंग करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
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