आरबीआई नीति के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
आरबीआई एमपीसी बैठक के बाद घरेलू शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों के बाद शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बाद बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी और दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 116 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 53.80 अंक फिसलकर 23,366.75 के स्तर पर समाप्त हुआ।
बाजार में इस गिरावट के पीछे कई मुख्य कारण रहे। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने लगातार अपनी नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा और अपना न्यूट्रल (तटस्थ) रुख जारी रखा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक चुनौतियों के कारण वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई दर का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया।
इसके साथ ही जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भी 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया गया, जिसने निवेशकों को थोड़ा निराश किया। इसके अलावा, आईटी (IT) सेक्टर के शेयरों में आई भारी बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) के शेयर में बायबैक रिकॉर्ड डेट की वजह से करीब 4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो निफ्टी में टॉप लूजर रहा।
हालांकि, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को संभालने की पूरी कोशिश की। आरबीआई द्वारा विदेशी पूंजी को आकर्षित करने और लिक्विडिटी बढ़ाने के उपायों के चलते बैंक निफ्टी ने दिन के दौरान 54,732 का नया रिकॉर्ड स्तर भी छुआ। बजाज फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज और एचडीएफसी लाइफ जैसे शेयर टॉप गेनर्स की सूची में रहे, लेकिन मेटल और एफएमसीजी सेक्टर में हुई मुनाफावसूली के कारण ओवरऑल मार्केट अंततः गिरावट के साथ ही बंद हुआ।
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