यूपी में कुदरत का 'डबल अटैक': बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने छीनी किसानों की नींद, 5 दिनों का हाई अलर्ट
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कुदरत के बदलते मिजाज ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान मेरठ, लखनऊ और आसपास के जिलों में हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने न केवल तापमान गिराया है, बल्कि किसानों की कमर भी तोड़ दी है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले 5 दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें बिजली गिरने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
खेतों में बिछ गई 'सोने' जैसी फसल
इस समय उत्तर प्रदेश के खेतों में गेहूं की फसल पककर पूरी तरह तैयार खड़ी है। किसानों के लिए यह समय फसल काटने और घर ले जाने का था, लेकिन शनिवार शाम को आए अचानक बदलाव ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लखनऊ, मेरठ और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और भारी बारिश के कारण गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई है। ओलावृष्टि ने सरसों और आम की बौर को भी भारी नुकसान पहुँचाया है।
इन 15 जिलों में 'आकाशीय बिजली' का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 15 से अधिक पूर्वी और तराई वाले जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) की गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें। प्रभावित होने वाले मुख्य जिले हैं:
- पूर्वांचल: गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर।
- तराई और मध्य यूपी: बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर और संतकबीर नगर।
शनिवार शाम करीब 5 बजे लखनऊ का आसमान काले बादलों से ढंक गया और देखते ही देखते दिन में रात जैसा नजारा हो गया। तेज बारिश के बीच सरोजिनी नगर इलाके में बिजली गिरने की घटना ने लोगों को खौफजदा कर दिया। यहाँ 'अल्ताफ गारमेंट्स' और एक बर्तन की दुकान पर आसमानी बिजली गिरने से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खाक हो गए। शहर के कई हिस्सों में पेड़ और बिजली के पोल गिरने से घंटों तक सप्लाई बाधित रही।
तापमान का उतार-चढ़ाव और आगामी अनुमान
- मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, ह उथल-पुथल सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण हो रही है। आँकड़ों पर नजर डालें तो:
- सबसे गर्म जिला: बहराइच (38.02°C), जो सामान्य से 2.5°C अधिक रहा।
- सबसे ठंडा जिला: उरई (न्यूनतम 17°C), जो सामान्य से 4.5°C कम रहा।
अगले 5 दिनों का रिपोर्ट कार्ड
- 6 और 7 अप्रैल: मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
- 8 और 9 अप्रैल: एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा, जिसके प्रभाव से दोबारा आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
सावधानी ही बचाव है: मौसम विभाग ने सलाह दी है कि किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें और आम नागरिक बिजली कड़कने के दौरान बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल से बचें। उत्तर प्रदेश में अप्रैल की यह शुरुआत राहत कम और आफत ज्यादा लेकर आई है।
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