प्रतापगढ़: कुंडा में खानापूर्ति बना जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस, DM-SP के न आने से खाली रहीं कुर्सियां, 270 में से सिर्फ 15 शिकायतों का हुआ निस्तारण
कुंडा तहसील में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में वरिष्ठ अधिकारियों के न पहुंचने से फरियादी हुए निराश, केवल 15 मामलों का हुआ निपटारा।
कुंडा, प्रतापगढ़ :तहसील सभागार में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत जिला स्तरीय अधिकारियों के आने की उम्मीद में दूर-दराज से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
कार्यक्रम के दौरान कई अधिकारियों की कुर्सियां खाली रहीं, जिससे फरियादियों में नाराजगी भी देखने को मिली।सुबह करीब 10 बजे संपूर्ण समाधान दिवस की शुरुआत उपजिलाधिकारी वाचस्पति सिंह की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने करीब एक घंटे तक फरियादियों की शिकायतें सुनीं, लेकिन इसके बाद अन्य कार्य से चले गए। उनके जाने के बाद नायब तहसीलदार सालिकराम अग्रहरी ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 270 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से केवल 15 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हो सका, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
मौके पर कम संख्या में शिकायतों का निस्तारण होने से भी फरियादियों में असंतोष दिखाई दिया। फरियादियों का कहना था कि जिला स्तरीय समाधान दिवस का उद्देश्य एक ही स्थान पर सभी विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं का त्वरित समाधान करना होता है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के नहीं पहुंचने से यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। लोगों का कहना था कि कई शिकायतें ऐसी थीं, जिनका समाधान मौके पर हो सकता था, लेकिन संबंधित अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उन्हें फिर से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
तहसील सभागार में डीएम, एसपी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए लगाई गई कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इससे संपूर्ण समाधान दिवस की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। हालांकि प्रशासन का कहना है कि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के लिए भेज दिया गया है।
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