दो मिसकैरेज के बाद केवल इंतजार नहीं, फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सही जांच है जरूरी

Jun 19, 2026 - 19:13
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दो मिसकैरेज के बाद केवल इंतजार नहीं, फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सही जांच है जरूरी

लखनऊ : बार-बार मिसकैरेज होना किसी भी कपल के लिए भावनात्मक रूप से कठिन अनुभव होता है। इसके बाद मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि ऐसा क्यों हो रहा है और आगे क्या करना चाहिए। ऐसे समय में केवल इंतजार करने के बजाय, इसका मेडिकल कारण समझना जरूरी होता है।

डॉ. श्रेया गुप्ता, फर्टिलिटी विशेषज्ञ, बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ, लखनऊ  का कहना है कि अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन के अनुसार, मेडिकल रूप से पुष्टि हो चुकी प्रेग्नेंसी में लगभग 15 से 25% मामलों का अंत मिसकैरेज में होता है। पहली बार हुआ मिसकैरेज कई बार एक अलग घटना हो सकता है। लेकिन अगर दूसरी बार भी मिसकैरेज हो, तो डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी हो जाता है। इस स्थिति में कपल को सिर्फ अगली प्रेग्नेंसी का इंतजार करने की सलाह देना पर्याप्त नहीं है।

यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी और अमेरिकन सोसाइटी फॉर रिप्रोडक्टिव मेडिसिन, दोनों संस्थाएं दो मिसकैरेज के बाद जांच को जरूरी मानती हैं। जब मिसकैरेज बार-बार होने लगे, तो अगली प्रेग्नेंसी का इंतजार करने के बजाय फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर कदम है।

बार-बार मिसकैरेज के कई कारण हो सकते हैं। इनमें क्रोमोसोम से जुड़ी समस्या, गर्भाशय की बनावट से जुड़ी समस्या, थायरॉइड या डायबिटीज का कंट्रोल में न होना, एंटीफॉस्फोलिपिड सिंड्रोम, हार्मोनल कारण, शरीर के मेटाबॉलिज्म से जुड़ी स्थिति और कुछ मामलों में स्पर्म की गुणवत्ता भी शामिल हो सकती है। इनमें से कई स्थितियों में बाहर से कोई साफ लक्षण नहीं दिखता और सामान्य जांच रिपोर्ट भी कई बार ठीक लग सकती है।

इसीलिए सही और पूरी जांच जरूरी हो जाती है। इसमें कपल की प्रेग्नेंसी हिस्ट्री, महिला की उम्र, हार्मोनल स्थिति, थायरॉइड, डायबिटीज, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, ऑटोइम्यून और खून से जुड़े कारण, तथा जरूरत होने पर जेनेटिक कारणों की जांच शामिल हो सकती है।

जब फर्टिलिटी उपचार पर विचार किया जा रहा हो, तो यह जांच और भी जरूरी हो जाती है। IVF में एम्ब्रियो की जांच, गर्भाशय की स्थिति और उपचार की योजना इस बात पर निर्भर करती है कि संभावित कारणों को कितनी स्पष्टता से समझा गया है। बिना इस जांच के उपचार शुरू करने पर वह कारण छूट सकता है, जो पहले हुए मिसकैरेज से जुड़ा हो सकता है।

दो मिसकैरेज के बाद सही दिशा में उठाया गया कदम सबसे जरूरी होता है। जांच से हमेशा एक सीधा जवाब नहीं मिलता, लेकिन इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किन कारणों को देखना है, किस तरह का उपचार जरूरी हो सकता है और अगली प्रेग्नेंसी की तैयारी बेहतर तरीके से कैसे की जा सकती है। समय पर फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेने से कपल को स्पष्टता मिलती है और आगे की उपचार योजना बेहतर तरीके से बनाई जा सकती है।

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