कौशाम्बी: पारा हसनपुर में सरकारी इंटरलॉकिंग सड़क उखाड़कर दीवार बनाने की कोशिश, ADO पंचायत की तहरीर पर भी पुलिस मौन
कौशाम्बी के पारा हसनपुर में सरकारी इंटरलॉकिंग सड़क की ईंटें उखाड़ने पर ADO पंचायत ने करारी थाने में दी तहरीर, कार्रवाई का इंतजार।
(निर्मल भारतीय)
कौशाम्बी : विकास खंड मंझनपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पारा हसनपुर में सरकारी धन के दुरुपयोग और दबंगई का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां ग्रामीणों की सहूलियत के लिए बनाई गई सरकारी इंटरलॉकिंग सड़क को कुछ अराजक तत्वों ने न सिर्फ नुकसान पहुंचाया, बल्कि सड़क की ईंटें उखाड़कर उससे अपनी निजी दीवार खड़ी करने का प्रयास भी किया। इस मामले में सहायक विकास अधिकारी (ADO) पंचायत मंझनपुर ने करारी थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत पारा हसनपुर में ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए 15वें वित्त आयोग की धनराशि से इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था। ADO पंचायत द्वारा करारी थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, गांव के ही कुछ उपद्रवी तत्वों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए सड़क को पूरी तरह उजाड़ दिया और उसकी सरकारी ईंटों का इस्तेमाल अपने निजी निर्माण कार्य
सड़क से ईंटें उखाड़ दिए जाने के कारण अब वहां गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उखड़ी हुई सड़क के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं और खासकर रात के समय दुर्घटनाओं का अंदेशा काफी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पक्की सड़क के बनने से उन्हें कीचड़ और जलभराव से मुक्ति मिली थी, लेकिन कुछ लोगों की इस करतूत ने पूरे गांव को फिर से परेशानी में डाल दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
ADO पंचायत ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा है कि यह कृत्य सीधे तौर पर सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने की संगीन श्रेणी में आता है। उन्होंने करारी पुलिस से दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। ब्लॉक स्तर के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद करारी पुलिस अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है और मामले को सिर्फ 'जांच' के नाम पर टाला जा रहा है। अधिकारियों की तहरीर पर पुलिस का यह ढुलमुल रवैया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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