डीएम ईशा प्रिया ने किया दोना-पत्तल उद्योग का निरीक्षण, महिलाओं को किया प्रेरित
अम्बेडकरनगर की जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित दोना-पत्तल उद्योग का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
अम्बेडकरनगर (उत्तर प्रदेश): ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने विकासखंड भीटी की ग्राम पंचायत चाचिकपुर का औचक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गंगा महिला आजीविका और रोशनी महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किए जा रहे दोना-पत्तल उद्योग का सघन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मशीनों के संचालन, उत्पादन क्षमता और तैयार माल की बाजार में बिक्री (विपणन) की मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि उद्योग में स्थापित सभी मशीनें पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर रही हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने ब्लॉक मिशन मैनेजर को सख्त हिदायत दी कि अगले १५ दिनों के भीतर सभी बंद पड़ी मशीनों का नियमित संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मशीनों के सुचारू रूप से चलने से न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि गांव की अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
बेहतर पैकेजिंग और बाजार उपलब्ध कराने पर जोर:
डीएम ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की, साथ ही उन्होंने बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन उत्पादों को स्थानीय और बड़े बाजारों में सही मंच दिलाने के लिए एक प्रभावी मार्केटिंग रणनीति तैयार की जाए, ताकि महिलाओं की आय में लगातार बढ़ोतरी हो सके।
इसके बाद जिलाधिकारी ने चाचिकपुर पंचायत भवन में गांव के अन्य सभी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और 'दीदियों' के साथ एक विशेष बैठक की। उन्होंने महिलाओं को स्वरोजगार के नए रास्ते तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने का एक सशक्त माध्यम हैं। इस मौके पर जिला डीसी (एनआरएलएम), जिला मिशन प्रबंधक और ग्राम पंचायत सचिव सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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