cm yogi adityanath ने प्रयागराज मंडल को दी ₹16,000 करोड़ से अधिक की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज मंडल के लिए ₹16,000 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों को दी मंजूरी, 15 अगस्त तक शिलान्यास के निर्देश।

Jul 06, 2026 - 21:45
Updated: 1 hour ago
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cm yogi adityanath ने प्रयागराज मंडल को दी ₹16,000 करोड़ से अधिक की सौगात

(जैनुल आब्दीन / ब्यूरो)

प्रयागराज : मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में लोक निर्माण विभाग के प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के प्रारम्भ में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने  गत वर्ष स्वीकृत परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति से अवगत कराते हुए वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा-वार प्रस्तावित विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने प्रयागराज मंडल की कुल 28 विधानसभा क्षेत्रों-प्रयागराज की 12, प्रतापगढ़ की 7, फतेहपुर की 6 तथा कौशाम्बी की 3 विधानसभा से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की तथा सभी जनप्रतिनिधियों से उनके सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किए। मुख्यमंत्री के द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज जनपद में लगभग ₹9,668.27 करोड़ की लागत से प्रस्तावित 1,168 कार्यों, प्रतापगढ़ में लगभग ₹2,053.36 करोड़ की लागत के 1,092 कार्यों, फतेहपुर में लगभग ₹3,378.37 करोड़ की लागत के 521 कार्यों तथा कौशाम्बी में लगभग ₹915.13 करोड़ की लागत के 313 विकास कार्यों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में प्रयागराज में शास्त्री पुल के समानांतर सलोरी/बघाड़ा से हेतापट्टी मार्ग पर गंगा पुल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि परियोजना का साइट मोबिलाइजेशन पूर्ण हो चुका है तथा डिजाइन एवं ड्राइंग तैयार है। इस पर मुख्यमंत्री ने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने, आईआईटी से आवश्यक तकनीकी परीक्षण कराते हुए गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सतत् समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में करैलाबाग से मड़ौका मार्ग पर पुराने नैनी पुल के समानांतर प्रस्तावित नए यमुना पुल, जिसे भविष्य में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की परिकल्पना है, की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित अलाइनमेंट में सुधार के संबंध में सुझाव दिए गए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए व्यवहारिक एवं जनहितकारी दृष्टिकोण से अलाइनमेंट का पुनः परीक्षण करें तथा आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करें।

बैठक में हंडिया (लाक्षागृह घाट) को यमुनापार स्थित मेजा (परानीपुर घाट) से जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। यह परियोजना हंडिया, लाक्षागृह, पृथ्वीपुर, मुगलिया एवं दुल्लापुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे मेजा एवं मिर्जापुर मार्ग से जोड़ते हुए आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का विस्तृत एवं तकनीकी रूप से सक्षम प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान कांवड़ यात्रा के समय शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से पुल के समानांतर कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित होने के साथ-साथ सामान्य यातायात एवं व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से संचालित रह सकें। मुख्यमंत्री ने विधानसभावार प्राप्त विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी सांसद और विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें।

उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन किया जाए, जो निर्माण कार्य सबसे ज्यादा जरूरी हो उसका प्रस्ताव सबसे पहले प्राथमिकता पर दें। मुख्यमंत्री ने विधानसभावार प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव देना हो तो उसे तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी हों। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। साथ ही उन्होंने परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा, ताकि सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी जनप्रतिनिधिगण है उनके गांव की सड़क को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उसका गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक परियोजना की सतत् निगरानी की जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्यों को समय पर पूरा कराया जाए।बैठक में  उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य,  जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री  नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल, सांसद भदोही  विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह, महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, विधायक शहर पश्चिम सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक शहर उत्तर  हर्ष वर्धन वाजपेयी, विधायक फूलपुर  दीपक पटेल, विधायक फाफामऊ  गुरु प्रसाद मौर्य, विधायक कोरांव राजमणि कोल, विधायक करछना पियूष रंजन निषाद, विधायक श्रीमती पूजा पाल, विधान परिषद सदस्य  केपी श्रीवास्तव, सुरेंद्र चौधरी सहित अन्य सम्बंधित जनपदों के जनप्रतिनिधिगणों के अलावा प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त सीलम सांई तेजा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज, पीडब्लूडी विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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