कौशाम्बी के शहजादपुर में रामलीला मैदान पर अवैध कब्जा, लेखपाल पर मिलीभगत का आरोप
सिराथू के शहजादपुर में रामलीला मैदान और सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
कौशाम्बी (उत्तरप्रदेश) : सिराथू तहसील क्षेत्र के ग्राम शहजादपुरमें सरकारी संपत्तियों और ऐतिहासिक धरोहरोंको निशाना बनाने का एक गंभीरमामला प्रकाश में आया है।यहां के स्थानीय भूमाफियाऔर प्लॉटरों द्वारा ग्राम समाज की बेशकीमतीसरकारी जमीन के साथ-साथ दशकों पुरानेऐतिहासिक रामलीला मैदान पर भी अवैधरूप से कब्जा करप्लाटिंग की जा रहीहै। इस अवैध धंधेमें हल्का लेखपाल की संलिप्तता औरमिलीभगत का आरोप लगाहै, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोशव्याप्त है।
शहजादपुरगांव के निवासियों केअनुसार, पिछले कई महीनों सेक्षेत्र में धड़ल्ले सेजेसीबी मशीनें चलाई जा रहीहैं। हरे-भरे आमके बागों और खेतों कीमेड़ों को जबरन कटवाकरअवैध कॉलोनियां काटी जा रहीहैं। भूमाफियाओं की नजर अबगाटा संख्या 446मि., 446मि., और 501 कीसरकारी और ग्राम समाजकी भूमि पर टिकीहै। सबसे ज्यादा विवादउस ऐतिहासिक रामलीला मैदान को लेकर खड़ाहुआ है, जहां पीढ़ियोंसे पारंपरिक मेला और रामलीलाका आयोजन होता आया है।प्लॉटर अब रात केअंधेरे में इस मैदानपर मिट्टी डलवाकर इसे भी प्लॉटोंमें तब्दील करने पर तुलेहैं।
ग्रामीणोंका आरोप है किजब उन्होंने इस मनमानी कासामूहिक विरोध किया, तो दबंग प्लॉटरोंने प्रशासनिक साठगांठ का धौंस दिखातेहुए कहा कि 'ऊपरतक सेटिंग है, कोई उनकाकुछ नहीं बिगाड़ सकता।'जनता का कहना हैकि पूर्व में की गईशिकायतों पर केवल कागजीऔपचारिकताएं निभाई गईं।
इससंवेदनशील मामले को लेकर सिराथू के उपजिलाधिकारी (SDM) योगेंद्र गौड़ ने कड़ारुख अपनाया है। उन्होंने बतायाकि ग्रामीणों की शिकायत कोसंज्ञान में लेते हुएराजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को मौके परजाकर स्थलीय जांच करने केसख्त निर्देश जारी किए गएहैं। तीन दिन केभीतर जांच रिपोर्ट सौंपनेको कहा गया है,जिसके आधार पर अवैधप्लाटिंग करने वालों औरदोषी राजस्व कर्मियों के खिलाफ मुकदमादर्ज कर सख्त विधिककार्रवाई अमल में लाईजाएगी।
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