IVF से पहले क्यों जरूरी है smoking छोड़ना? डॉ. श्रेया गुप्ता से जानिए प्रजनन क्षमता पर धूम्रपान का खतरनाक असर

बिरला फर्टिलिटी लखनऊ की डॉ. श्रेया गुप्ता से जानिए कि आईवीएफ इलाज से 3 महीने पहले धूम्रपान छोड़ना क्यों अनिवार्य है

Jun 24, 2026 - 17:31
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IVF से पहले क्यों जरूरी है smoking छोड़ना? डॉ. श्रेया गुप्ता से जानिए प्रजनन क्षमता पर धूम्रपान का खतरनाक असर

लखनऊ : डॉ. श्रेया गुप्ता, fertility विशेषज्ञ, Birla Fertility & IVF, लखनऊ बताती हैं कि IVF इलाज शुरू करने से पहले दंपति को आमतौर पर दवाइयों, अंडों की गुणवत्ता, sparm एंब्रियो और इलाज की प्रक्रिया के साथ-साथ जीवनशैली में बदलावों के बारे में भी सलाह दी जाती है। इसमें धूम्रपान, तंबाकू और शराब से दूरी बनाना दोनों पार्टनर्स के लिए जरूरी माना जाता है। फिर भी कई बार दंपति इसके असर को उतनी गंभीरता से नहीं समझ पाते, क्योंकि इसका नुकसान तुरंत दिखाई नहीं देता। व्यक्ति खुद को स्वस्थ महसूस कर सकता है और कोई साफ लक्षण भी नहीं हो सकते, लेकिन धूम्रपान महिला की फर्टिलिटी और पुरुष के स्पर्म, दोनों को प्रभावित कर सकता है।

कई शोधों में यह देखा गया है कि धूम्रपान करने वाले दंपतियों में IVF के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रेग्नेंसी रेट कम देखे जा सकते हैं और कई बार इलाज के लिए अधिक आईवीएफ चक्रों की जरूरत पड़ सकती है।

महिलाओं में, सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन ओवरी की क्षमता को कम कर सकते हैं। इससे अंडों की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। आईवीएफ के दौरान दी जाने वाली दवाइयों पर ओवरी की प्रतिक्रिया भी कमजोर हो सकती है। ऐसे में इलाज के दौरान कम या कम स्वस्थ अंडे मिल सकते हैं।

पुरुषों में, धूम्रपान sparm की संख्या, गति और आकार को प्रभावित कर सकता है। यह स्पर्म डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकता है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन में प्रकाशित 2024 की एक समीक्षा में बताया गया है कि तंबाकू से होने वाली स्पर्म डीएनए क्षति आईवीएफ या आईसीएसआई के बाद भी एंब्रियो के विकास और इम्प्लांटेशन को प्रभावित कर सकती है।

एक आम गलतफहमी यह है कि आईवीएफ चक्र शुरू होने से कुछ दिन पहले धूम्रपान छोड़ देना पर्याप्त है। असल में स्पर्म बनने की पूरी प्रक्रिया लगभग 70 से 90 दिन लेती है। अंडों की गुणवत्ता भी इसी समय के दौरान शरीर की सेहत, जीवनशैली और आसपास के माहौल से प्रभावित हो सकती है। इसलिए चक्र शुरू होने के बहुत करीब किए गए बदलावों का उस चक्र में इस्तेमाल होने वाले अंडों और स्पर्म पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

इसी वजह से फर्टिलिटी विशेषज्ञ आमतौर पर दोनों पार्टनर्स को आईवीएफ इलाज शुरू करने से कम से कम तीन महीने पहले धूम्रपान छोड़ने की सलाह देते हैं। यह समय शरीर को बेहतर स्थिति में आने में मदद करता है।

धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर में अच्छे बदलाव शुरू होते हैं। कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाला तनाव कम हो सकता है, प्रजनन अंगों में रक्त संचार बेहतर हो सकता है और स्पर्म से जुड़े मापदंडों में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है। ये बदलाव आईवीएफ इलाज के लिए शरीर को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद करते हैं।

IVF प्रजनन चिकित्सा के सबसे उन्नत उपचारों में से एक है। इसके परिणाम सिर्फ डॉक्टरों की विशेषज्ञता और इलाज की तकनीक पर निर्भर नहीं करते, बल्कि शरीर की स्थिति पर भी निर्भर करते हैं। धूम्रपान शरीर में ऐसी स्थिति बना सकता है जो आईवीएफ की प्रभावशीलता को कम करती है। इसलिए इलाज शुरू करने से पहले धूम्रपान छोड़ना दंपति के लिए एक सीधा, जरूरी और प्रभावी कदम है।

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