टांडा मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने से मरीजों को उठानी पड़ रही भारी परेशानी
हिमाचल के टांडा मेडिकल कॉलेज में अधिकांश लिफ्ट खराब होने के कारण गंभीर मरीजों और तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सालय (टांडा मेडिकल कॉलेज) से स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। उत्तर भारत के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान के सात मंजिला मुख्य ब्लॉक में लगी अधिकांश लिफ्टें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। वर्तमान में अस्पताल के इस व्यस्ततम ब्लॉक में केवल एक ही लिफ्ट चालू स्थिति में है, जिसके कारण गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल के ओपीडी और वार्ड ब्लॉक में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। केवल एक लिफ्ट चालू होने की वजह से वहां हर समय भारी भीड़ जमा रहती है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर ले जाए जाने वाले आपातकालीन मरीजों को भी लिफ्ट के लिए आधे से एक घंटे तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई बार गंभीर स्थिति में भी तीमारदारों को मजबूरन अपने मरीजों को सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिलों पर ले जाना पड़ता है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बना रहता है।
स्थानीय तीमारदारों और मरीजों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि लिफ्टों के रखरखाव को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। एकमात्र चालू लिफ्ट पर अत्यधिक दबाव होने के कारण उसके भी बार-बार तकनीकी रूप से ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, जब इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से बात की गई, तो अधिकारियों ने बताया कि लिफ्टों की मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इलेक्ट्रिकल विंग के पास है। प्रशासन ने दावा किया कि आवश्यक तकनीकी कलपुर्जों की अनुपलब्धता के कारण देरी हुई है, लेकिन जल्द ही नई लिफ्टों को चालू कर व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी।
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