कौशाम्बी के सिराथू में सड़कों पर पशुओं का कब्जा, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
कौशाम्बी के सिराथू नगर पंचायत के तीन वार्डों में सड़कों पर पशु बांधने से आवागमन बाधित, प्रशासन ने साधी चुप्पी।
कौशाम्बी (उत्तर प्रदेश): जनपद के नगर पंचायत सिराथू से नागरिक अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहां के वार्ड नंबर 1, 2 और 3 के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मार्ग और सड़कें इन दिनों सार्वजनिक रास्ते कम और निजी पशुशाला अधिक नजर आ रहे हैं। स्थानीय पशुपालकों द्वारा सरेआम सड़कों के बीचों-बीच अपने मवेशियों को बांधा जा रहा है, जिससे आम जनता का जीना मुहाल हो गया है।
रास्तों पर जगह-जगह बंधे गाय-भैंसों और उनके मलमूत्र के कारण पूरी सड़क पर गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा हुआ है। इस बदहाली का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है, जो हर सुबह अपनी जान जोखिम में डालकर इन हिंसक हो सकने वाले पशुओं के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। इसके अलावा, सड़कों के संकरे होने से आए दिन यहां दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना का अंदेशा लगातार बना हुआ है।
अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद, जनता बेहाल:
स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि नगर पंचायत प्रशासन इस पूरे मामले पर मूकदर्शक बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही हाथ लगे।
प्रशासन की इस ढुलमुल नीति और निष्क्रियता के चलते अवैध रूप से सड़कें घेरने वाले पशुपालकों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। वे किसी भी नियम-कानून को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। सिराथू के जागरूक नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़कों से तुरंत अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और मवेशियों को कांजी हाउस या गौशाला भेजा जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थानीय लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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