कौशाम्बी में बालू माफियाओं का तांडव: बिना अनुमति डंप हो रहा 'काला सोना', राजस्व को लाखों की चपत
कौशाम्बी के कोखराज और सैनी में माफिया बिना अनुमति बालू डंप कर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है
कौशाम्बी। जनपद के कोखराज और सैनी थाना क्षेत्रों में बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी अनुमति के बालू का अवैध भंडारण (डंप) किया जा रहा है और उसे मनमानी कीमतों पर खुलेआम बेचा जा रहा है। माफियाओं के इस सिंडिकेट के कारण उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कोखराज क्षेत्र के कल्याणपुर, टेढ़ी मोड़, शहजादपुर और सैनी थाना क्षेत्र के गनपा व गुलामीपुर अवैध बालू कारोबार के मुख्य केंद्र बन चुके हैं। सड़कों के किनारे और चौराहों पर बालू के ऊंचे-ऊंचे ढेर लगे देखे जा सकते हैं। रात-दिन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए बिना किसी ई-रवन्ना या वैध परमिट के बालू की सप्लाई की जा रही है।
खनन अधिनियम के अनुसार, बिना पंजीकरण और वैध परमिट के बालू का भंडारण करना संगीन अपराध है। इसके बावजूद, दबंग प्रवृत्ति के ये माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं। माफियाओं के रसूख के चलते स्थानीय लोग आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्गों पर हो रहे इस अवैध भंडारण और अवैध परिवहन पर न तो क्षेत्रीय पुलिस की नजर पड़ रही है और न ही खनन विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है। क्षेत्रीय लोगों में चर्चा है कि विभागों की कथित मिलीभगत या उदासीनता के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार का चलना संभव नहीं है। सरकारी खजाने में जाने वाला टैक्स सीधे इन माफियाओं की जेबों में जा रहा है।
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और जिलाधिकारी से मांग की है कि इन अवैध डंपों पर तत्काल छापेमारी कर बालू जब्त की जाए। साथ ही, ई-रवन्ना चोरी करने वाले और अवैध भंडारण करने वाले दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि सरकारी राजस्व की हानि को रोका जा सके।
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