'क्विक डील' से ट्रंप की बड़ी जीत की तैयारी: क्या खुलेगा हॉर्मुज का रास्ता?
ट्रंप प्रशासन की 'क्विक डील' योजना: क्या जेडी वेंस और ईरान के बीच इस्लामाबाद वार्ता से खुलेगा हॉर्मुज जलडमरूमध्य?
नई दिल्ली : डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत एक बड़ी 'कूटनीतिक जीत' के साथ करना चाहते हैं। खबर है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ जारी तनाव को खत्म करने के लिए 'क्विक डील' (त्वरित समझौते) की रणनीति पर काम कर रहा है। इसका मुख्य केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खुलवाना और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे दबाव को कम करना है।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद आज एक ऐतिहासिक वार्ता का गवाह बनने जा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरानी प्रतिनिधियों के साथ सीधी बातचीत की अगुवाई करेंगे। हालांकि, बातचीत की मेज पर आने से पहले दोनों तरफ से बयानबाजी तेज है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान को "बड़ी कीमत" चुकानी होगी।
ट्रंप की 'जीत' के तीन मुख्य स्तंभ
- कुवैत और इराक में अमेरिका के पूर्व राजदूत डगलस सिलीमन के अनुसार, ट्रंप की रणनीति तीन बिंदुओं पर टिकी है:
- यूरेनियम का निकास: ईरान से संवर्धित यूरेनियम को बाहर निकालना।
- संवर्धन पर रोक: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह ठप करना।
- हॉर्मुज की आजादी: समुद्री व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को सुरक्षित और खुला रखना।
विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज में यातायात बाधित करना ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक जीत रही है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराया है। ट्रंप इस गतिरोध को तोड़ने के लिए ईरान को कुछ 'बड़ी रियायतें' भी दे सकते हैं, बशर्ते ईरान परमाणु मुद्दों पर झुकने को तैयार हो। ट्रंप का लक्ष्य युद्ध को खींचना नहीं, बल्कि एक ठोस 'डील' के जरिए अमेरिकी हितों को सुरक्षित करना और वैश्विक बाजार में स्थिरता लाना है।
अब पूरी दुनिया की नजरें इस्लामाबाद वार्ता पर टिकी हैं, जो भविष्य की वैश्विक राजनीति की दिशा तय करेगी।
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