उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड का नया कीर्तिमान: विशेष अभियान के तहत 19.81 लाख से अधिक कार्ड जारी

उत्तर प्रदेश में आयुष्मान विशेष अभियान के तहत 19.81 लाख नए कार्ड बने। बरेली जनपद प्रदेश में रहा प्रथम स्थान पर

Mar 31, 2026 - 14:43
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उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड का नया कीर्तिमान: विशेष अभियान के तहत 19.81 लाख से अधिक कार्ड जारी

लखनऊ :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल निर्देशन में उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने जानकारी दी है कि 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान ने रिकॉर्ड सफलता दर्ज की है। 15 जनवरी 2026 से दोबारा शुरू हुए इस अभियान के अंतर्गत अब तक 19 लाख 81 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु समाज की रीढ़ कही जाने वाली आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं हैं। आंकड़ों के अनुसार:

  • लगभग 3.30 लाख आशा कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को कवर किया जा चुका है।
  • 1.55 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 1.53 लाख सहायिकाओं के कार्ड बनाए जा चुके हैं।
    सरकार का लक्ष्य है कि स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति में खड़े इन परिवारों को पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया जाए।

कार्ड बनाने की दौड़ में जनपदों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। बरेली जनपद ने 1,24,096 कार्ड बनाकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद आजमगढ़ (1.10 लाख) दूसरे और जौनपुर (91 हजार) तीसरे स्थान पर रहा है। प्रयागराज और आगरा ने भी शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाई है।

साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती अर्चना वर्मा ने बताया कि प्रदेश में कुल आयुष्मान कार्डों की संख्या 5.70 करोड़ के पार पहुंच गई है। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए संचालित 'वय वंदना योजना' के तहत 26.55 लाख कार्ड बनाए गए हैं। इसके साथ ही 'जीरो पावर्टी अभियान' के माध्यम से बागपत, अमरोहा और गाजियाबाद जैसे जिलों में अत्यंत गरीब परिवारों को तेजी से योजना से जोड़ा जा रहा है।

योजना की व्यापक सफलता और जनहित को देखते हुए इस विशेष अभियान को अब 15 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया गया है। अपर मुख्य सचिव श्री अमित कुमार घोष ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, पंचायती राज और महिला कल्याण विभाग के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक इस ₹5 लाख तक की मुफ्त इलाज सुविधा से वंचित न रहे।

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