प्रयागराज: 'अनुभव वीथिका' में विरासत को महसूस करेंगे दिव्यांग बच्चे, स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत ने सराहा

जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत ने इलाहाबाद संग्रहालय की 'अनुभव वीथिका' का अवलोकन कर दिव्यांग बच्चों की पहल को सराहा

May 14, 2026 - 20:53
Updated: 1 hour ago
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प्रयागराज: 'अनुभव वीथिका' में विरासत को महसूस करेंगे दिव्यांग बच्चे, स्वामी रामभद्राचार्य और संजय श्रीनेत ने सराहा

(आनंदी मेल ब्यूरो)

प्रयागराज : प्रयागराज। इलाहाबाद संग्रहालय में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई ‘अनुभव वीथिका’ आज आस्था और प्रशासनिक अनुभव के संगम की साक्षी बनी। रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने इस अनूठी वीथिका का भ्रमण और अवलोकन किया।

दोनों मुख्य अतिथियों ने वीथिका में स्थापित 11 प्रमुख विरासत स्थलों और 10 वन्यजीवों की प्रतिकृतियों का अवलोकन किया। यह वीथिका इसलिए खास है क्योंकि यहाँ ब्रेल लिपि, श्रव्य उपकरण (Audio devices) और स्पर्श आधारित तकनीकों का समन्वय किया गया है। इससे दिव्यांग बच्चे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को केवल देख नहीं, बल्कि अनुभवात्मक रूप से समझ सकते हैं।

भ्रमण के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने वीथिका में स्थापित श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियों को स्पर्श कर उनका अनुभव प्राप्त किया। उन्होंने इस पहल को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मंडलायुक्त एवं इलाहाबाद संग्रहालय की निदेशक सौम्या अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने संग्रहालय के ऐतिहासिक महत्व और यहाँ संरक्षित स्वतंत्रता आंदोलन, साहित्य व कला के संग्रह के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य को संग्रहालय की ओर से 19वीं शताब्दी की राजस्थानी शैली में निर्मित ‘राम विवाह’ का लघु चित्र भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।

संग्रहालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग छात्र हिमांशु की गायन प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यूपीपीएससी के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने छात्र की सराहना करते हुए कहा कि "दृढ़ता, प्रबल इच्छाशक्ति और निरंतरता ही जीवन में सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।" उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. संजू मिश्रा द्वारा किया गया। आयोजन में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उपनिदेशक अभय कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार गौतम और संग्रहालय के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार पाण्डेय का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। गौरतलब है कि इस वीथिका का उद्घाटन 6 मई को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया था और यह 16 मई तक दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेगी।

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