कौशाम्बी में 22 बेटियों को मिली साइकिल और 50 को बांटी गई पुस्तकें
कौशाम्बी के शहजादपुर में 22 बालिकाओं को साइकिल और 50 को पुस्तकें वितरित, महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम
टेढ़ीमोड़ (कौशाम्बी) : ग्रामीण अंचलों में बालिका शिक्षा की अलख जगाने और महिला सशक्तिकरण को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से रविवार को कड़ा क्षेत्र के शहजादपुर गांव में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। मां सावित्री बाई फुले वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में चंदा गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम ने बेटियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय अकबरपुर (कानपुर देहात) की प्राचार्या संजू सिंह और विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त IAS संतोष कुमार ने मां सावित्री बाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। वक्ताओं ने समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें शिक्षित और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया।
साधन मिले तो आसान होगी पढ़ाई की राह
सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक शिव प्रकाश सोनकर के विशेष प्रयासों से आयोजित इस शिविर में:
- 22 मेधावी बालिकाओं को आवागमन की सुविधा हेतु साइकिल प्रदान की गई।
- 50 छात्राओं को उनकी पढ़ाई में मदद के लिए पुस्तकों के विस्तृत सेट वितरित किए गए।
मुख्य अतिथि संजू सिंह ने अपने संबोधन में कहा, "शिक्षा ही वह शस्त्र है जिससे महिलाएं अपनी नियति बदल सकती हैं।" वहीं, पूर्व आईएएस संतोष कुमार ने बेटियों की शिक्षा को समय की सबसे बड़ी मांग बताया।
आयोजक शिव प्रकाश सोनकर ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों की उन बेटियों की मदद करना है, जो संसाधनों के अभाव में शिक्षा से दूर रह जाती हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन सूरज सिंह कुशवाहा ने किया।
इस अवसर पर अंदावा के पूर्व प्रधान नरेश सोनकर, नागेंद्र सिंह, अरुण सोनकर, संपादक कोमल सिंह, पूजा मौर्या, पारसनाथ मौर्य और मनीष मौर्य समेत भारी संख्या में अभिभावक व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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