प्रयागराज: 'शिक्षा ही शोषण मिटाने की एकमात्र कुंजी', सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि पर बोले अशफाक अहमद
सिकंदरा में कांग्रेस गंगापार ने सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि मनाई; जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने शिक्षा और समानता पर दिया जोर।
प्रयागराज : भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को सिकंदरा में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कांग्रेस गंगापार के जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने कहा, "सावित्रीबाई फुले के विचार शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय की नींव हैं। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह अस्त्र है जिससे अज्ञानता और शोषण की बेड़ियों को काटा जा सकता है। उन्होंने समावेशी समाज के निर्माण के लिए शिक्षा को 'स्वर्ग का द्वार' बताया, जो व्यक्ति को स्वाभिमान से जीना सिखाती है।"
विधानसभा प्रभारी निशा सिंह ने समाज सुधार में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि सावित्रीबाई ने बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ उस दौर में आवाज उठाई जब समाज मौन था। जिला उपाध्यक्ष डॉ. जगत नारायण सिंह ने उनके जीवन को मानवीय गरिमा के संघर्ष का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में सद्दाम हुसैन सिद्दीकी, सुनील पाण्डेय, और डॉ. अमर सिंह पटेल सहित भारी संख्या में ब्लॉक अध्यक्ष व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने सावित्रीबाई फुले के पदचिन्हों पर चलकर समाज के वंचित वर्गों के उत्थान का संकल्प लिया।
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