राज्यपाल ने वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सीनेट बैठक की
राज्यपाल ने डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में कृषि अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
सोलन: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी की सीनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सुधारों, नए शोध कार्यों और वित्तीय बजट को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। राज्यपाल, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका सीधा लाभ राज्य के बागवानों और किसानों के खेतों तक पहुंचना चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बदलती जलवायु और ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में औद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर) और वानिकी (फॉरेस्ट्री) के क्षेत्र में नए तकनीकी नवाचार बेहद जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों से ऐसी फसलों और फलों की किस्में विकसित करने का आह्वान किया जो कम पानी और विपरीत मौसम में भी बेहतर उत्पादन दे सकें। सीनेट ने विश्वविद्यालय की आगामी वार्षिक कार्ययोजना और शोध परियोजनाओं की समीक्षा की और शिक्षण की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर सहमति व्यक्त की।
कुलपति ने विश्वविद्यालय की नवीनतम उपलब्धियों, शोध पत्रिकाओं और छात्रों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड की रिपोर्ट सीनेट के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में सीनेट सदस्यों ने विश्वविद्यालय के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को शुरू करने के बहुमूल्य सुझाव दिए। राज्यपाल ने प्रशासन को निर्देश दिए कि वे प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण की दिशा में छात्रों को अधिक प्रेरित करें, ताकि हिमाचल का ग्रामीण परिवेश आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।
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