भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई धार: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने वॉशिंगटन में की अहम बैठकें
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश मंत्री और एफबीआई चीफ से मुलाकात कर रक्षा, व्यापार और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा की
वाशिंगटन डी.सी.: भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान उच्च स्तरीय बैठकों का सिलसिला पूरा किया। इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ हुई सार्थक बातचीत रही, जिसके बाद यह पुष्टि की गई कि रुबियो अगले महीने भारत का दौरा करेंगे।
विदेश सचिव ने एफबीआई (FBI) चीफ काश पटेल से मुलाकात कर सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में आतंकवाद विरोधी सहयोग, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए खुफिया साझाकरण पर जोर दिया गया। यह मुलाकात सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
व्हाइट हाउस में हुई बैठकों के दौरान द्विपक्षीय व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) की आपूर्ति श्रृंखला और क्वाड (QUAD) फ्रेमवर्क पर गंभीर मंथन हुआ। पेंटागन में रक्षा उप-सचिव एलब्रिज कोल्बी के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर संवाद हुआ, जबकि वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ व्यापार और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह यात्रा फरवरी 2026 में डॉ. एस. जयशंकर के दौरे के बाद एक महत्वपूर्ण फॉलो-अप है। मिसरी ने वॉशिंगटन के थिंक-टैंक्स और रणनीतिक विचारकों के साथ वैश्विक ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और मौजूदा भू-राजनीतिक परिवर्तनों पर भी भारत का पक्ष रखा। यह दौरा स्पष्ट संकेत है कि भारत-अमेरिका संबंध अब केवल औपचारिक न रहकर रणनीतिक और आर्थिक रूप से अपरिहार्य हो चुके हैं।
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