मॉरीशस में भारत का बड़ा कदम: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया 11 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मॉरीशस में 11 भारतीय विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया; द्विपक्षीय संबंधों और समुद्री सुरक्षा पर हुई चर्चा।
पोर्ट लुइस। भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और विजन 'सागर' (SAGAR) को नई ऊंचाई देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस में 11 उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास परियोजनाओं (HICDP) का उद्घाटन किया। 9वें हिंद महासागर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे डॉ. जयशंकर ने मॉरीशस के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा की।
परियोजनाओं के उद्घाटन के अवसर पर विदेश मंत्री ने कहा कि ये 11 प्रोजेक्ट्स भारत की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं, जिसके तहत विकास का लाभ सीधे मॉरीशस के आम नागरिकों तक पहुँचाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल और प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम से मुलाकात कर विकास सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री सुरक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत ने विशेष रूप से मॉरीशस के सिविल सेवकों के लिए 'आईजीओटी (iGOT) कर्मयोगी पोर्टल' लॉन्च किया है। किसी भी विदेशी भागीदार देश के लिए अपनी तरह की यह पहली पहल है। डॉ. जयशंकर ने विश्वास जताया कि यह मील का पत्थर सुशासन और जन-केंद्रित प्रशासन को और अधिक सशक्त बनाएगा।
चर्चा के दौरान पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और उनके वैश्विक प्रभावों पर भी विचार साझा किए गए। डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति में मॉरीशस का एक विशिष्ट स्थान है। विशेष आर्थिक पैकेज के लिए 'आशय पत्र' (LOE) पर हस्ताक्षर होना बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य के प्रति भारत के समर्थन की पुष्टि करता है। मॉरीशस के बाद विदेश मंत्री अपनी यात्रा के अगले चरण में 11-12 अप्रैल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दौरे पर रहेंगे।
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