डॉक्टरों के लिए विधिक ज्ञान अनिवार्य: जीएसवीएम में 'मेडिको-लीगल क्विज' के जरिए रेजिडेंट्स को सिखाए कानून के गुर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर में बाल रोग विभाग द्वारा मेडिको लीगल क्विज आयोजित। डॉक्टरों को पॉक्सो एक्ट और विधिक नियमों की जानकारी दी गई।
कानपुर (आनंदी मेल ब्यूरो): जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग द्वारा भविष्य के डॉक्टरों को कानूनी पेचीदगियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से एक भव्य 'मेडिको लीगल क्विज' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बाल अधिकारों, पॉक्सो (POCSO) अधिनियम और चिकित्सीय नैतिकता जैसे संवेदनशील विषय रहे।
संवेदनशील मामलों में सुरक्षित निर्णय जरूरी: प्रो. संजय काला
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय काला ने दीप प्रज्वलन कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने जोर देते हुए कहा, "आज के समय में डॉक्टरों को चिकित्सकीय ज्ञान के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की गहरी समझ होना अनिवार्य है। विशेषकर 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ हुए दुष्कर्म जैसे मामलों में तत्काल पुलिस को सूचित करना और संवेदनशीलता के साथ उपचार करना डॉक्टर की प्राथमिकता होनी चाहिए।"
104 टीमों के बीच कड़ा मुकाबला
प्रतियोगिता में एमबीबीएस छात्रों, इंटर्न्स और पीजी रेजिडेंट्स की कुल 104 टीमों ने हिस्सा लिया। क्विज के दौरान प्रतिभागियों की त्वरित निर्णय क्षमता और विधिक ज्ञान का परीक्षण किया गया। शीर्ष तीन विजेता टीमों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- इन विषयों पर रहा विशेष फोकस:
जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया। - वैक्सीनेशन से जुड़े कानूनी दायित्व।
- चिकित्सीय अभिलेख (Medical Records) का उचित संधारण।
- पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकार।
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शैलेन्द्र कुमार गौतम ने बताया कि ऐसी गतिविधियाँ चिकित्सकों को विधिक दृष्टि से सजग बनाती हैं, जिससे रोगी सुरक्षा और नैतिक चिकित्सा पद्धति सुदृढ़ होती है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जे.के. गुप्ता (अध्यक्ष, IAP कानपुर) ने किया। इस अवसर पर डॉ. आर.पी. सिंह, डॉ. यशवंत कुमार राव, डॉ. अरुण कुमार आर्या सहित विभाग के समस्त संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
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